नशे से दूर रहकर ही बनेगा स्वस्थ और सशक्त भारत : पवन देवांगन
कवर्धा के अशोका पब्लिक स्कूल में 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। विद्यालय संचालक पवन देवांगन ने नशामुक्त युवा शक्ति को विकसित भारत के निर्माण के लिए जरूरी बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l नशा मुक्त भारत अभियान एवं मिशन स्पंदन के अंतर्गत विकसित भारत की ओर एक सशक्त कदम बढ़ाते हुए बुधवार को अशोका पब्लिक स्कूल, कवर्धा में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम 6 से 20 अगस्त 2026 तक दादी प्रकाशमणि की पावन स्मृति में चल रहे 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का हिस्सा रहा। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त एवं स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से दीदी नीलेश्वरी, बोधन साहू और लक्ष्मीनाथ चन्द्रवंशी उपस्थित रहे। ब्रह्माकुमारी बहनों ने विद्यार्थियों को शराब, तंबाकू, गुटखा, खैनी, बीड़ी-सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की आदत व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ-साथ उसके परिवार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक असर डालती है।
कार्यक्रम के दौरान नशे की वजह से होने वाली मानसिक परेशानियों, तनाव, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, पारिवारिक विवाद, दुर्घटनाओं और अपराध की संभावनाओं के बारे में भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए राजयोग ध्यान, आत्म-संयम, सकारात्मक सोच और अनुशासित दिनचर्या के महत्व को समझाया गया। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे से दूर रहना केवल किसी नशीले पदार्थ का सेवन छोड़ना नहीं है, बल्कि अपनी सोच, आदतों और जीवनशैली को सकारात्मक दिशा देना भी है।
ब्रह्माकुमारी बहनों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने नशे से सदैव दूर रहने तथा स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लिया। विद्यार्थियों को यह भी प्रेरित किया गया कि वे स्वयं नशामुक्त रहें और अपने परिवार, दोस्तों तथा आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
विद्यालय के संचालक पवन देवांगन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की प्रतिभा, स्वास्थ्य और भविष्य को धीरे-धीरे नष्ट कर देता है। युवा पीढ़ी देश की सबसे बड़ी शक्ति है, इसलिए युवाओं का नशे से दूर रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, संस्कारित और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने नशामुक्त भारत और स्वस्थ भारत के संकल्प के साथ सकारात्मक एवं अनुशासित जीवन जीने का प्रण लिया। कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की संचालिका सारिका देवांगन और उप-प्राचार्य लोकनाथ देवांगन के मार्गदर्शन में किया गया। विद्यालय परिवार ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा विद्यार्थियों को स्वस्थ, संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक बनाने के संकल्प को दोहराया।
उल्लेखनीय है कि 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का लक्ष्य देशभर में 10 करोड़ नागरिकों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाना और नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता को व्यापक जनआंदोलन का रूप देना है।