दंतेवाड़ा में पच्चीस से उनतीस अक्टूबर तक चक्रवाती मौसम का खतरा, कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में पच्चीस से उनतीस अक्टूबर के बीच संभावित बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। किसानों को धान, दलहन और तिलहन की पकी फसलों की कटाई टालने, खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने और सब्जियों तथा फलदार पौधों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। साथ ही पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर रखने और खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचने की अपील की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA, नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा। जिले में आगामी दिनों में संभावित बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा ने किसानों के लिए विशेष कृषि एडवाइजरी जारी की है। पच्चीस से उनतीस अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव की आशंका को देखते हुए किसानों से फसलों, सब्जियों, फलदार पौधों और पशुधन की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की गई है।
पकी फसलों की कटाई टालने की सलाह
कृषि विज्ञान केंद्र ने किसानों को सलाह दी है कि वे धान, दलहन और तिलहन की पक चुकी फसलों की कटाई अगले दो से चार दिनों तक टाल दें। जिन किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रखें, ताकि बारिश के कारण नुकसान न हो। इसके साथ ही खेतों में जलभराव रोकने के लिए नालियों और जल निकासी मार्गों की सफाई करने को कहा गया है।
रबी फसलों की बुवाई नवंबर में करें
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, उतेरा फसल के रूप में तिवड़ा और अलसी की बुवाई करने वाले किसान फिलहाल कुछ दिनों तक इंतजार करें। रबी फसलों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह से मौसम और खेतों की स्थिति के अनुसार शुरू करने की सलाह दी गई है। फूलगोभी, ब्रोकली, चुकंदर और खीरा जैसी सब्जियों की बुवाई भी नवंबर के पहले सप्ताह से करने को कहा गया है।
सब्जियों और फलदार पौधों की सुरक्षा जरूरी
तेज हवाओं से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए करेला, लौकी और अन्य बेलवर्गीय सब्जियों के लिए मजबूत सहारे की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। वहीं जिन केले के पौधों में फूल या फल आ चुके हैं, उन्हें बांस का सहारा देने को कहा गया है। भारी बारिश की स्थिति में खेतों और बागवानी क्षेत्रों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ओलावृष्टि की आशंका होने पर उपलब्ध सुरक्षा जालियों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील
कृषि विज्ञान केंद्र ने पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान पशुओं को सूखे और सुरक्षित आश्रय में रखने, पर्याप्त चारा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने को कहा गया है। विशेष रूप से आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे नहीं बांधने और खुले स्थानों पर चराने से बचने की सलाह दी गई है।
खराब मौसम में खेतों में काम करने से बचें
कृषि विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख की ओर से जारी एडवाइजरी में किसानों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की नवीनतम चेतावनियों पर नजर रखें। तेज हवा, भारी बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खेतों में काम करने से बचें तथा मौसम की स्थिति के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाएं।
कृषि विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट किया है कि समय रहते सावधानी बरतकर फसलों और पशुधन को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।