गौरमाटी में कबीर प्राकट्य महोत्सव सम्पन्न, सामाजिक समरसता और सत्य मार्ग पर चलने का संदेश
ग्राम गौरमाटी में आयोजित प्रदेश स्तरीय सद्गुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव में कबीरदास जी की पूजा-अर्चना कर सामाजिक समरसता, सत्य, अहिंसा और करुणा के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रही और छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l ग्राम गौरमाटी में प्रदेश स्तरीय सद्गुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और ग्रामीण शामिल हुए। इस अवसर पर सद्गुरु कबीरदास जी की पूजा-अर्चना कर सर्वसमाज और छत्तीसगढ़ राज्य की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने आयोजन समिति को बधाई और शुभकामनाएं दीं। साथ ही समाज के प्रतिनिधियों और ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा गया कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अपने संबोधन में कबीरदास जी के संदेशों पर प्रकाश डालते हुए कहा गया कि उनका जीवन सत्य, अहिंसा, दया, करुणा, परोपकार और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाने और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने में अत्यंत प्रासंगिक हैं।
वक्ताओं ने कहा कि कबीरदास जी ने समाज में व्याप्त भेदभाव और अंधविश्वास के विरुद्ध आवाज उठाई और एक ऐसे समाज की कल्पना की जहां समानता, भाईचारा और मानवता सर्वोपरि हो। उनके उपदेश आज भी समाज को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह से अपील की गई कि वे कबीरदास जी के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और समाज में सौहार्द, शांति और सहयोग की भावना को मजबूत करें। साथ ही प्रदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, वरिष्ठजन, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला।
अंत में छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और सामाजिक एकता की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।