साजा विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी पर उठे सवाल, बाजार मूल्य से चार गुना अधिक कीमत के आरोप, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश
साजा विधानसभा क्षेत्र के 40 शासकीय स्कूलों में विधायक निधि से खरीदे गए कंप्यूटरों की खरीदी में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर खरीद का दावा होने के बाद कलेक्टर ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर सात दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l साजा विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों में विधायक निधि से खरीदे गए कंप्यूटर सेटों की खरीदी को लेकर विवाद गहरा गया है। बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर कंप्यूटर खरीदे जाने के आरोप सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है, जिसे सात दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के तहत लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से साजा विधानसभा क्षेत्र के 40 शासकीय स्कूलों में करीब 120 कंप्यूटर सेट उपलब्ध कराए गए। प्रत्येक विद्यालय को तीन-तीन कंप्यूटर सेट दिए गए, जिनमें मॉनिटर, सीपीयू, की-बोर्ड और यूपीएस शामिल हैं।
शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि जिन कंप्यूटर सेटों की बाजार कीमत लगभग 20 से 25 हजार रुपये बताई जा रही है, उनके लिए करीब 83 हजार रुपये प्रति सेट का भुगतान किया गया। इस आधार पर करीब 70 लाख रुपये के मूल्य अंतर की आशंका जताई गई है। साथ ही यह भी आरोप है कि कई स्थानों पर पुराने मॉडल के कंप्यूटरों की आपूर्ति कर नए और महंगे सिस्टम के अनुरूप भुगतान किया गया।
मामले में यह भी सामने आया है कि कई विद्यालयों के प्राचार्यों और संस्था प्रमुखों ने कंप्यूटर की कोई मांग नहीं की थी। इसके बावजूद उन्हें कंप्यूटर भेज दिए गए। कई स्कूलों में ये कंप्यूटर अब तक उपयोग में नहीं लाए गए हैं और स्टोर रूम या कंप्यूटर प्रयोगशालाओं में रखे हुए हैं।
शिकायतों में यह भी उल्लेख किया गया है कि कंप्यूटर उपलब्ध कराने वाली फर्म का नाम और संपर्क विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है। कुछ विद्यालयों में बिना पर्याप्त दस्तावेजों के सामग्री पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
इन शिकायतों के आधार पर कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर कृष्ण कुमार साहू बनाए गए हैं। जिला कोषालय अधिकारी प्रशांत प्रधान, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर महेंद्र कुमार वर्मा और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी रोहित चंद्रवंशी को समिति का सदस्य नियुक्त किया गया है।
कलेक्टर ने समिति को निर्देश दिया है कि संबंधित विद्यालयों में खरीदे गए कंप्यूटरों की गुणवत्ता, उपलब्धता, तकनीकी स्थिति तथा संपूर्ण खरीदी प्रक्रिया की विस्तृत जांच कर तथ्यों के आधार पर सात दिवस के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ होगी तथा यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उधर, मामले के सामने आने के बाद साजा विधायक ने भी खरीदी प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने की बात कही है। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कंप्यूटर खरीदी में नियमों का पालन हुआ या फिर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सही साबित होते हैं।