आंजनेय विश्वविद्यालय में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के लिए इंटरनल हैकाथॉन संपन्न, 150 से अधिक छात्रों ने दिखाया नवाचार
रायपुर के आंजनेय विश्वविद्यालय में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के लिए दो दिवसीय इंटरनल हैकाथॉन का आयोजन किया गया। इसमें 25 से अधिक टीमों के 150 से अधिक विद्यार्थियों ने 17 अलग-अलग थीम्स पर अपने इनोवेटिव प्रोजेक्ट और स्मार्ट आइडिया प्रस्तुत किए। चयनित सर्वश्रेष्ठ टीमों को राष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के लिए नामांकित किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l आंजनेय विश्वविद्यालय में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, एआईसीटीई और एमओई इनोवेशन सेल के तत्वावधान में आयोजित होने वाले स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 की तैयारी के तहत दो दिवसीय इंटरनल हैकाथॉन का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विश्वविद्यालय के IQAC और इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल द्वारा किया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार और समस्या-समाधान के लिए प्रोत्साहित करना तथा उन्हें स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के राष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत उद्घाटन समारोह के साथ हुई। इसके बाद प्रतिभागी छात्र टीमों के प्रोजेक्ट और आइडिया के मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू की गई। इंटरनल हैकाथॉन में 25 से अधिक टीमों के 150 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अपने इनोवेटिव प्रोजेक्ट और स्मार्ट आइडिया प्रस्तुत किए। इस दौरान प्रतिभागियों में तकनीकी समाधान विकसित करने और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने का उत्साह दिखाई दिया।
हैकाथॉन में विद्यार्थियों ने कुल 17 थीम्स पर अपनी परियोजनाएं प्रस्तुत कीं। इनमें मेडटेक और हेल्थटेक, एग्रीकल्चर, स्मार्ट एजुकेशन, साइबर सिक्योरिटी, कल्चर एंड हेरिटेज सहित विभिन्न क्षेत्र शामिल रहे। अलग-अलग थीम्स पर तैयार किए गए प्रोजेक्ट्स के माध्यम से विद्यार्थियों ने तकनीक और नवाचार के जरिए समस्याओं के समाधान तलाशने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रत्येक टीम के प्रोजेक्ट का मूल्यांकन निर्धारित प्रक्रिया के तहत विशेष रूप से गठित जूरी पैनल द्वारा किया गया।
इंटरनल हैकाथॉन में इंडस्ट्री से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञों ने भी जज के रूप में अपनी भूमिका निभाई। इंडस्ट्री जूरी में आदित्य तमस्कर और स्वाति शर्मा शामिल रहे। वहीं अकादमिक जूरी पैनल में डॉ. जय देवांगन, डॉ. शिल्पा शर्मा, डॉ. हरीश शर्मा और डॉ. राजेश कुमार ने छात्र टीमों द्वारा प्रस्तुत प्रोजेक्ट्स और उनके विचारों का मूल्यांकन किया। जूरी सदस्यों ने विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स को विभिन्न मानकों के आधार पर परखा और उनके नवाचार तथा समस्या-समाधान के प्रयासों का आकलन किया।
कार्यक्रम की समन्वयक एवं स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन की SPOC तथा CSE विभाग की HOD अंजू पांडे ने बताया कि इंटरनल हैकाथॉन का मुख्य उद्देश्य छात्रों में समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार करना है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने आइडिया को प्रस्तुत करने, विशेषज्ञों से मूल्यांकन प्राप्त करने और प्रोजेक्ट में आवश्यक सुधार करने का अवसर मिलता है।
स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के लिए आयोजित इस इंटरनल हैकाथॉन के बाद चयनित सर्वश्रेष्ठ टीमों को राष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 के लिए नामांकित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को अपने नवाचार को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित इस आयोजन ने छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ टीमवर्क, रचनात्मक सोच और समस्या-समाधान जैसे कौशल को व्यवहारिक रूप से विकसित करने का अवसर दिया।
आंजनेय विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय इंटरनल हैकाथॉन में विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी ने नवाचार के प्रति उनकी रुचि को सामने रखा। विभिन्न थीम्स पर तैयार किए गए प्रोजेक्ट्स के जरिए विद्यार्थियों ने तकनीक आधारित समाधान विकसित करने की दिशा में अपने प्रयास प्रस्तुत किए। अब चयनित टीमों को राष्ट्रीय स्तर के स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने और उनके नवाचार को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मंच मिला।