मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जापानी विद्यार्थियों का छत्तीसगढ़ में स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान के संबंधों की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हैं। समय के साथ दोनों देशों के संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्रों तक विस्तृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच इस तरह के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से भारत-जापान संबंधों को आने वाली पीढ़ियों में और मजबूती मिल सकती है।
मुख्यमंत्री ने भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश का उल्लेख करते हुए भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत पर भी बात की। उन्होंने विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत के बारे में जानकारी दी तथा सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण केंद्र है।
साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए प्रयास कर रही है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं तथा यहां की विरासत और संस्कृति को समझें, यही प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने अपनी जापान यात्रा के अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की। उन्होंने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में प्रगति के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी सहेजकर रखा है। भारत भी अपनी प्राचीन सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जापानी विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। उन्होंने यहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के सहज व्यवहार की प्रशंसा की। विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान में भी रुचि दिखाई। उन्हें गणेश उत्सव की परंपराओं और सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिला। जापानी छात्राओं ने मेहंदी लगवाने और भारतीय परिधानों की खरीदारी के अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने कहा कि यात्रा के माध्यम से उन्हें भारत को समाज, संस्कृति और जीवनशैली के स्तर पर समझने का अवसर मिला।
छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने स्टार्टअप, अनुसंधान परियोजनाओं और नई तकनीकों के बारे में जानकारी ली। तकनीक के माध्यम से आम लोगों की दैनिक समस्याओं के समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप ने उनका विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्रतिनिधिमंडल ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, अनुसंधान और नवाचार आधारित सहयोग की संभावनाओं में रुचि दिखाई।
तीन दिवसीय भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल द्वारा ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्थल सिरपुर का भ्रमण भी किया जाना है। यहां विद्यार्थी छत्तीसगढ़ की प्राचीन बौद्ध विरासत, स्थापत्य, कला और सांस्कृतिक इतिहास को करीब से समझेंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत और जापान के युवाओं के बीच इस प्रकार का संवाद भविष्य में शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक, नवाचार और सांस्कृतिक सहयोग के नए अवसर तैयार करेगा।