भाजपा लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा, देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति : दीपक बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा के काला दिवस कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 1975 का आपातकाल संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत लागू किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में केंद्र सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव, केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और विपक्ष की आवाज दबाने जैसी स्थिति बनी हुई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा द्वारा आपातकाल को लेकर मनाए गए काला दिवस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वर्ष 1975 में लगाया गया आपातकाल संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत लागू किया गया था। उन्होंने कहा कि उस समय की परिस्थितियों में राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद संवैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप आपातकाल लागू किया गया और निर्धारित समय के बाद उसे समाप्त भी कर दिया गया। उनके अनुसार भाजपा इस विषय पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर अधिक गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग, न्यायपालिका, मीडिया तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ किया जा रहा है तथा विपक्षी दलों को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज की परिस्थितियां लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अधिक चिंताजनक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है, मीडिया की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज में हस्तक्षेप की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बताया।
दीपक बैज ने कहा कि भाजपा स्वयं आपातकाल का विरोध करने का दावा करती है, लेकिन उनके अनुसार वर्तमान समय में देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, बढ़ते करों और आम जनता की मूलभूत समस्याओं जैसे मुद्दों पर सरकार अपेक्षित समाधान देने में असफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों, युवाओं और व्यापारियों सहित समाज का हर वर्ग विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं होता, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विपक्ष की भूमिका और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता भी उसकी मूल भावना है। कांग्रेस का मानना है कि इन मूल्यों की रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक है।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि वह ऐतिहासिक घटनाओं पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करने के बजाय वर्तमान समय में जनता से जुड़े मुद्दों, महंगाई, रोजगार, किसानों और युवाओं की समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करे।