बजरंग पावर प्लांट के खिलाफ टंडवा पंचायत का उग्र विरोध, गेट नंबर-2 पर धरना; जेसीबी से सड़क खोदकर जताया आक्रोश

रायपुर ग्रामीण के टंडवा गांव में बजरंग पावर प्लांट के गेट नंबर-2 के संचालन के विरोध में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान जेसीबी से सड़क खोदकर विरोध जताया गया। ग्रामीणों ने सुरक्षा, भारी वाहनों की आवाजाही और महिलाओं से जुड़े आरोपों को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

Aug 2, 2026 - 11:49
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बजरंग पावर प्लांट के खिलाफ टंडवा पंचायत का उग्र विरोध, गेट नंबर-2 पर धरना; जेसीबी से सड़क खोदकर जताया आक्रोश

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम पंचायत टंडवा में बजरंग पावर प्लांट के गेट नंबर-2 के संचालन को लेकर रविवार को पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का विरोध उग्र रूप ले लिया। सरपंच, उपसरपंच, पंचों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्लांट के गेट नंबर-2 के सामने धरना प्रदर्शन शुरू किया। विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जेसीबी मशीन से सड़क खोदकर अपना आक्रोश जताया और इस मार्ग से प्लांट के संचालन का विरोध किया।

ग्रामीणों का कहना है कि टंडवा से बैकुंठ जाने वाला यह मार्ग गांव का प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसी रास्ते से प्रतिदिन स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के अलावा सैकड़ों ग्रामीण आवागमन करते हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि यदि इसी मार्ग से प्लांट के भारी वाहनों का संचालन किया गया तो दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाएगी और आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के सुरक्षित आवागमन को देखते हुए इस मार्ग का उपयोग भारी औद्योगिक वाहनों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्लांट में कार्यरत बाहरी कर्मचारियों पर गंभीर आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि गांव की महिलाओं और बेटियों के साथ छेड़छाड़, अभद्र भाषा का प्रयोग तथा मारपीट जैसी घटनाओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन आरोपों के चलते ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और वे गांव के सामाजिक वातावरण तथा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।

इन्हीं मुद्दों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने गेट नंबर-2 के सामने धरना देते हुए जेसीबी मशीन से सड़क खोद दी, ताकि इस मार्ग से प्लांट का संचालन नहीं हो सके। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से मांग की कि ग्रामीणों की सुरक्षा, छात्र-छात्राओं के निर्बाध आवागमन तथा क्षेत्र की सामाजिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गेट नंबर-2 का संचालन तत्काल बंद किया जाए।

ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की।

फिलहाल आंदोलन जारी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं, समाचार लिखे जाने तक इस मामले में कंपनी प्रबंधन या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।