कवर्धा में गौधन की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था पर बैठक, विजय शर्मा ने दिए ठोस इंतजाम के निर्देश
कबीरधाम जिला कार्यालय में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गौसेवकों, पशुपालकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ गौधन की सुरक्षा, देखभाल और संरक्षण को लेकर बैठक की। उन्होंने बीमार एवं घायल पशुओं के समय पर उपचार, पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क पर पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने, जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया। बैठक में गौशाला निर्माण के लिए सरेखा में स्थल चयन और गुजरात की पशुधन प्रबंधन व्यवस्था का अध्ययन करने की बात भी कही गई।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में गौधन की सुरक्षा, देखभाल और उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों, गौसेवकों और पशुपालकों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बैठक का मुख्य फोकस सड़क पर विचरण करने वाले पशुओं, बीमार और घायल पशुओं के रेस्क्यू, उपचार तथा उनके लिए व्यवस्थित व्यवस्था तैयार करने पर रहा।
बैठक के दौरान विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में गौधन की समुचित देखभाल और रखरखाव के लिए पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पशुपालन विभाग के अधिकारियों से उपलब्ध चिकित्सकीय संसाधनों और कर्मचारियों की जानकारी ली तथा उन क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया जहां पशुओं के उपचार की अधिक आवश्यकता है। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पशु चिकित्सकों, सहायक चिकित्सकों और अन्य आवश्यक कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बीमार और घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सके।
उप मुख्यमंत्री ने ग्राम सरेखा में गौशाला निर्माण के लिए उपयुक्त स्थल का चयन करने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने जिले में उपलब्ध पशु रेस्क्यू व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई। सड़क दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में घायल पशुओं तक तत्काल मदद पहुंच सके, इसके लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता और जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया। संबंधित व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सड़क पर बैठे पशुओं को दुर्घटनाओं से बचाने के उपायों पर भी चर्चा हुई। दुर्घटना संभावित और अधिक मोड़ वाले स्थानों को चिन्हांकित कर वहां जरूरत के अनुसार बेरिकेडिंग या अन्य सुरक्षा उपाय करने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा ऐसे स्थानों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य सड़क पर मौजूद पशुओं और वाहन चालकों दोनों की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को कम करना है।
विजय शर्मा ने गुजरात में पशुधन प्रबंधन और गौधन की देखभाल के लिए अपनाई गई व्यवस्थाओं का अध्ययन करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि वहां की उपयोगी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर कबीरधाम जिले में स्थानीय जरूरत के अनुसार उन्हें लागू करने की संभावनाओं पर काम किया जा सकता है। इसके लिए इच्छुक गौसेवकों और गौ रक्षकों को गुजरात भ्रमण कराने की बात भी सामने आई।
पशुओं के उपचार से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने पशु चिकित्सा विभाग के उप संचालक को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि उपचार व्यवस्था में किसी तरह की कमी न रहे और आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय अमला उपलब्ध कराया जाए। बैठक में पशु रेस्क्यू वाहन को 24 घंटे संचालित करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया, ताकि सूचना मिलने पर घायल या बीमार पशुओं को समय पर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में बड़े और व्यवस्थित स्थान पर पशुओं के उपचार एवं विश्राम की सुविधा विकसित करने के विकल्प पर भी चर्चा हुई। स्वर्ण जयंती परिसर का निरीक्षण कर वहां पशु चिकित्सालय को स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर जानकारी जुटाने की बात कही गई। ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया गया, जहां बीमार और घायल पशुओं को उपचार के साथ सुरक्षित स्थान और पर्याप्त खुला क्षेत्र उपलब्ध हो सके।
गौधन के लिए चारे की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से किसानों को अधिक से अधिक पैरादान के लिए प्रेरित करने पर भी चर्चा हुई। किसानों से फसल अवशेष जलाने के बजाय उसे पशुओं के लिए दान करने की अपील और जागरूकता गतिविधियों पर जोर दिया गया। बैठक में गौसेवकों से स्थानीय स्तर की समस्याओं और सुझावों की जानकारी लेकर उनके आधार पर आगे की व्यवस्था तैयार करने की बात कही गई।
बैठक में गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, कलेक्टर तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गौसेवक और पशुपालक उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से कबीरधाम जिले में पशु संरक्षण, रेस्क्यू और उपचार व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।