कवर्धा मेडिकल कॉलेज में पहले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, 50 MBBS सीटों के साथ शुरू हुई पढ़ाई
कबीरधाम जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में 16 सितंबर 2026 को पहले शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का शुभारंभ हुआ। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का स्वागत किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी NEET तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या और सफलता के अनुभव साझा किए। कॉलेज में इसी सत्र से 50 MBBS सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत हुई है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले की चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में 16 सितंबर 2026 का दिन महत्वपूर्ण रहा। शासकीय मेडिकल कॉलेज कवर्धा में पहले शैक्षणिक सत्र और प्रथम बैच की पढ़ाई का औपचारिक शुभारंभ हुआ। कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 MBBS सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत की गई है। इससे कवर्धा और आसपास के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। इससे पहले मेडिकल शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।
शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और सांसद संतोष पाण्डेय ने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। विद्यार्थियों को एप्रॉन, स्टेथोस्कोप, पेन और गुलाब का फूल देकर उनके नए शैक्षणिक जीवन की शुरुआत कराई गई। प्रथम बैच के विद्यार्थियों में इस अवसर को लेकर उत्साह दिखाई दिया। कॉलेज के पहले बैच की शुरुआत के साथ कबीरधाम जिले में चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत हुई है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर बनना केवल एक मंजिल नहीं, बल्कि समाज की सेवा करने की जिम्मेदारी से जुड़ी यात्रा है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की तैयारी निरंतर जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का उपयोग समाज के लिए बेहतर कार्य करने में करना चाहिए। साथ ही उन्होंने पढ़ाई के दौरान अनावश्यक तनाव से बचने और परिवार तथा समाज के योगदान को हमेशा याद रखने की बात कही।
सांसद संतोष पाण्डेय ने भी प्रथम बैच के विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सभी के प्रयासों से कवर्धा में मेडिकल कॉलेज के पहले बैच की शुरुआत संभव हुई है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से पूरी मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल करना उनकी मेहनत का परिणाम है, लेकिन यह उनके सफर की शुरुआत है। उन्होंने चिकित्सा पेशे में सेवा भाव और संवेदनशीलता को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार जब कोई मरीज डॉक्टर के पास आता है तो उसके मन में स्वस्थ होने की उम्मीद होती है, इसलिए चिकित्सा क्षेत्र में जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना का विशेष महत्व है।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने प्रथम बैच के विद्यार्थियों से संवाद भी किया। उन्होंने विद्यार्थियों से NEET की तैयारी, पढ़ाई की दिनचर्या, कोचिंग और सफलता तक पहुंचने के अनुभव के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि किसी ने ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी की तो किसी ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन को आधार बनाया। राजनांदगांव निवासी अतिथि देवांगन ने दूसरे प्रयास में सफलता हासिल की। भूपेंद्र सिंह ने ऑनलाइन कोचिंग के जरिए तैयारी की, जबकि कवर्धा के धरमपुरा निवासी आकाश धुर्वे ने लाइब्रेरी में स्व-अध्ययन किया। भिलाई निवासी हर्षिता तीसरे प्रयास में सफल हुईं।
विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई की दिनचर्या भी साझा की। कुछ विद्यार्थियों ने बताया कि वे प्रतिदिन करीब आठ घंटे पुस्तकों से पढ़ाई करते थे, जबकि तीन से चार घंटे डिजिटल स्क्रीन के माध्यम से पढ़ाई में लगते थे। ऑनलाइन कक्षाओं के कारण कुछ विद्यार्थियों को प्रतिदिन सात से आठ घंटे तक स्क्रीन का उपयोग करना पड़ा। संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा के स्तर और तैयारी के दौरान सामने आई चुनौतियों के अनुभव भी साझा किए।
कवर्धा मेडिकल कॉलेज का पहला शैक्षणिक सत्र शुरू होना जिले के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 50 MBBS सीटों के साथ शुरू हुए इस संस्थान से स्थानीय विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा का अवसर मिलने के साथ भविष्य में क्षेत्र के स्वास्थ्य तंत्र के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा मानव संसाधन तैयार होने की संभावना भी बढ़ेगी।