बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मिली नई गति, छात्राओं को बाल विवाह और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

सूरजपुर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बाल विवाह, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार, सेफ टच-अनसेफ टच, मासिक धर्म स्वच्छता और चाइल्ड हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां देकर बाल विवाह मुक्त समाज का संदेश दिया गया।

Jul 11, 2026 - 14:53
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को मिली नई गति, छात्राओं को बाल विवाह और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश में बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह पर रोक लगाने के साथ-साथ छात्राओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराना था।

राज्य सरकार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों और उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसे बढ़ावा देना दंडनीय अपराध है। साथ ही किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देने की अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्राओं को सेफ टच और अनसेफ टच के बारे में भी विस्तार से समझाया। उन्हें यह बताया गया कि किसी भी प्रकार की असहज या अनुचित स्थिति का सामना होने पर बिना डर के अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को जानकारी दें। इसके अलावा नशे से बचाव, किशोर न्याय अधिनियम और यातायात नियमों के बारे में भी जागरूक किया गया।

स्वास्थ्य संबंधी सत्र में मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सही स्वास्थ्य आदतें अपनाने और इस विषय से जुड़े भ्रमों को दूर करने की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मासिक धर्म एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है और इसके प्रति जागरूकता तथा स्वच्छता स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम में सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की भी जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में वे कानूनी सहायता, परामर्श, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सेवाओं का लाभ ले सकती हैं। साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय परिवार, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन और विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने भी छात्राओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुरक्षा तंत्र की जानकारी दी। कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए छात्राओं से समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की गई। आयोजन का उद्देश्य बालिकाओं को आत्मविश्वासी, जागरूक और सशक्त बनाकर उन्हें सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य की ओर प्रेरित करना रहा।