भानुप्रतापपुर में बस्तर ओलंपिक 2025 का भव्य शुभारंभ — पारंपरिक खेलों के संग गूंजा ‘खेलेगा भारत, बढ़ेगा भारत’ का संदेश

भानुप्रतापपुर के हाई स्कूल मैदान में बस्तर ओलंपिक 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। 6303 प्रतिभागियों की उपस्थिति में कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल, रेस, रस्साकशी और पारंपरिक खेलों का आयोजन शुरू हुआ। इस अवसर पर जनपद प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करना है।

Oct 30, 2025 - 15:44
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भानुप्रतापपुर में बस्तर ओलंपिक 2025 का भव्य शुभारंभ — पारंपरिक खेलों के संग गूंजा ‘खेलेगा भारत, बढ़ेगा भारत’ का संदेश

UNITED NEWS OF ASIA, श्रीदाम ढाली, भानुप्रतापपुर। खेलेगा भारत – बढ़ेगा भारत” की भावना को साकार करते हुए विकासखंड भानुप्रतापपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक खेलकूद महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ हुआ। हाई स्कूल खेल मैदान में आयोजित इस उद्घाटन कार्यक्रम में कुल 6303 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत धरती माता की पूजा-अर्चना और पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुई। इसके बाद 100 मीटर दौड़ का फीता काटकर एवं हरी झंडी दिखाते हुए प्रतियोगिताओं की औपचारिक शुरुआत की गई।

 

मैदान में उपस्थित खिलाड़ियों, विद्यार्थियों और दर्शकों ने इस आयोजन का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। उद्घाटन अवसर पर जनपद सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सुनाराम तेता, निर्मला कावड़े, राजकुमार दर्रों, वरुण खपर्डे, विष्णु कचलाम, प्रदीप कोरेटी और कई पंचायत सरपंच शामिल थे। प्रशासनिक अधिकारियों में जनपद सीईओ जी.एल. चुरेन्द्र, तहसीलदार सुरेन्द्र उर्वशा, शिक्षा अधिकारी महेश सोनवानी, और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

इस बस्तर ओलंपिक में कबड्डी, खो-खो, फुटबॉल, वॉलीबॉल, 100-200-400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, भाला फेंक, गोला फेंक, रस्साकशी, पारंपरिक तीरंदाजी, फुगड़ी और गेंड़ी दौड़ जैसे खेलों का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और जनजातीय अंचल के खिलाड़ियों की प्रतिभा को सामने लाना तथा बस्तर की लोक संस्कृति और पारंपरिक खेलों की विरासत को सहेजना है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, आत्मविश्वास और सामाजिक एकता का प्रतीक है। खेलों के माध्यम से युवा अपने भीतर नेतृत्व और सकारात्मक सोच का विकास करते हैं।

स्थानीय खिलाड़ियों और महिला प्रतिभागियों की भारी उपस्थिति से मैदान जोश और ऊर्जा से भर गया। दर्शक दीर्घा में उत्साहजनक माहौल देखने को मिला। अंत में अतिथियों ने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को जिला, संभाग और राज्य स्तर पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई दिशा प्रदान करते हैं।