कवर्धा में जनगणना 2027 जागरूकता रथ को कलेक्टर गोपाल वर्मा ने दिखाई हरी झंडी, सहभागिता की अपील
कवर्धा में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को जनगणना के महत्व और प्रक्रिया के बारे में जागरूक करेगा। कलेक्टर ने नागरिकों से सहयोग की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कबीरधाम जिले में भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। इस अवसर पर कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी गोपाल वर्मा ने जिला कार्यालय परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह जागरूकता रथ जिले के 08 ग्रामीण और 07 नगरीय चार्ज क्षेत्रों में भ्रमण करेगा और आम नागरिकों को जनगणना की प्रक्रिया, महत्व और उसमें सहभागिता के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जिसके आधार पर विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि सभी नागरिक इस कार्य में सक्रिय सहयोग करें और प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
उन्होंने बताया कि भारत की जनगणना 2027 का प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित है, जिसमें प्रत्येक घर, भवन और उससे जुड़ी मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत डेटा संकलित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सरकार को बेहतर योजना निर्माण में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान एकत्र की जाने वाली सभी जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य में जनता की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि सटीक आंकड़े ही विकास योजनाओं की सफलता की नींव होते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों के साथ सहयोग करें और सही जानकारी प्रदान करें ताकि जिले के विकास की सही तस्वीर सामने आ सके।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भी जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे राष्ट्र निर्माण की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया।