यह पहल माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण संबंधी आवाहन से प्रेरित बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने स्वयं साइकिल चलाकर यह संदेश दिया कि यदि प्रशासनिक स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास किए जाएं तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
कार्यालय पहुंचने के बाद पुलिस अधीक्षक ने समस्त पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी बन चुका है। ईंधन की बचत और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि लोग अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें और जहां संभव हो वहां पैदल या साइकिल का उपयोग करें।
उन्होंने विशेष रूप से उन कर्मचारियों को प्रेरित किया जिनका निवास कार्यालय के निकट है कि वे नियमित रूप से पैदल चलकर कार्यालय आएं। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक दिन सभी अधिकारी एवं कर्मचारी साइकिल या पैदल चलकर कार्यस्थल तक पहुंचने का प्रयास करें। इससे न केवल ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि समाज में भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल और उप पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव सहित अन्य अधि
कारी एवं कर्मचारी भी साइकिल से कार्यालय पहुंचे। सभी ने मिलकर ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और इस पहल में सक्रिय भागीदारी निभाई।
पुलिस विभाग की इस पहल को जिले में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम के रूप में देखा जा रहा है। यह प्रयास न केवल प्रशासनिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाता है, बल्कि आम नागरिकों को भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करता है।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब अधिकारी स्वयं ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करते हैं तो समाज में जागरूकता तेजी से फैलती है। यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।