समय से पहले टूटी पुलिया, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

सिंगरौली के चितरंगी क्षेत्र में पीएमजीएसवाई के तहत बनी पुलिया समय से पहले टूट गई। ग्रामीणों ने निर्माण में घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए जांच और पुनर्निर्माण की मांग की है।

May 12, 2026 - 19:29
 0  10
समय से पहले टूटी पुलिया, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l जिले के विकासखंड चितरंगी अंतर्गत हरफरी खैरा रोड से आमा पड़री मार्ग पर स्थित पुलिया की समय से पहले हुई क्षति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पुलिया प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वर्ष 2022 में बनाई गई थी, लेकिन कुछ ही वर्षों में यह जर्जर अवस्था में पहुंच गई है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार आमा पड़री के तिन्नीहवा टोला स्थित यह पुलिया अब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण एजेंसी द्वारा पुलिया की खराब स्थिति को छिपाने के लिए उसके ऊपर मिट्टी डालकर ढंक दिया गया, ताकि वास्तविक खामियां सामने न आ सकें।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के समय ही गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई थी। उचित सामग्री और तकनीकी मानकों का पालन नहीं होने के कारण पुलिया कुछ ही वर्षों में टूट गई। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस मार्ग से रोजाना दर्जनों गांवों के लोग आवागमन करते हैं, जिनमें स्कूली बच्चे, किसान और मरीज भी शामिल हैं। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से लोगों को वैकल्पिक और लंबा रास्ता अपनाना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है।

ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और कहा है कि यदि समय पर गुणवत्ता की जांच होती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई है।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाले निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी और सुरक्षित संरचनाएं बन सकें।

ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द इस पुलिया का पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और आवागमन सामान्य हो सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है और लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और कब तक इस समस्या का समाधान किया जाता है।