जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर बजरंग दल का प्रदर्शन, CMHO कार्यालय का घेराव

दुर्ग जिला अस्पताल में अव्यवस्था, डॉक्टरों की कमी और मरीजों से अवैध वसूली के आरोपों को लेकर बजरंग दल ने CMHO कार्यालय का घेराव किया। संगठन ने 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है।

May 14, 2026 - 11:46
 0  4
जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर बजरंग दल का प्रदर्शन, CMHO कार्यालय का घेराव

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l दुर्ग जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ बजरंग दल ने जोरदार प्रदर्शन किया। अस्पताल में अव्यवस्था, डॉक्टरों की कमी, मरीजों से कथित अवैध वसूली और लापरवाही के आरोप लगाते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने CMHO कार्यालय का घेराव किया। संगठन के संयोजक रतन यादव के नेतृत्व में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए जल्द सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिला अस्पताल में लंबे समय से व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। संगठन का कहना है कि अस्पताल में कई नर्सें पिछले 15 से 20 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं और उनके व्यवहार को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आम मरीजों को उचित सुविधा नहीं मिल पा रही है और कई मामलों में मरीजों एवं उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रदर्शन के दौरान संगठन ने अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी का मुद्दा भी उठाया। बजरंग दल का कहना है कि जिला अस्पताल में सीनियर और स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी कमी है, जिसके कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। कई मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं रहती। मरीजों को बाहर की मेडिकल दुकानों से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ती हैं। इसके अलावा एक्सरे मशीन अक्सर खराब रहने की शिकायत भी सामने आई। कार्यकर्ताओं का कहना है कि तकनीकी खराबियों के कारण मरीजों को जांच के लिए निजी केंद्रों पर जाना पड़ता है।

सबसे गंभीर आरोप जिला अस्पताल के प्रसूति विभाग को लेकर लगाया गया। बजरंग दल ने दावा किया कि नवजात शिशु को पहली बार दिखाने के लिए परिजनों से दो हजार रुपये से अधिक की मांग की जाती है। संगठन ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

CMHO डॉ. मनोज दानी ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि संगठन द्वारा उठाई गई कुछ मांगें शासन स्तर से जुड़ी हैं, जबकि कुछ मामलों का समाधान अस्पताल प्रशासन के स्तर पर किया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सिविल सर्जन और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर एक सप्ताह के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया जाएगा।

डॉ. दानी ने यह भी कहा कि यदि मरीजों से अवैध रूप से पैसे लेने की शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं बजरंग दल ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल सुधार की दिशा में होने वाली कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट चार सदस्यीय प्रतिनिधि समिति को उपलब्ध कराई जाए।

इस प्रदर्शन के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोगों की नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।