मुनगाडीह पंचायत में 15वें वित्त की राशि में गड़बड़ी के आरोप, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुनगाडीह में 15वें वित्त आयोग की राशि में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई विकास कार्य केवल कागजों में किए गए, जबकि मौके पर स्थिति अलग है। मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की जा रही है।

May 14, 2026 - 11:35
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मुनगाडीह पंचायत में 15वें वित्त की राशि में गड़बड़ी के आरोप, ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई

UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा l कोरबा जिले के पाली विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुनगाडीह में 15वें वित्त आयोग की राशि के दुरुपयोग और विकास कार्यों में अनियमितता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में कई कार्य केवल कागजों में पूरे दिखाकर लाखों रुपये की राशि निकाल ली गई, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य अधूरे या अस्तित्वहीन हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में शौचालय मरम्मत, स्कूल भवन जीर्णोद्धार, नाली सफाई, सबमर्सिबल पंप और पाइपलाइन विस्तार जैसे कार्यों के नाम पर बड़ी राशि खर्च दिखाई गई है, लेकिन मौके पर इन कार्यों की वास्तविक स्थिति अलग नजर आती है। आरोप है कि सरपंच और सचिव ने विकास कार्यों की आड़ में शासन की राशि का दुरुपयोग किया है।

जानकारी के मुताबिक मिडिल स्कूल मुनगाडीह के शौचालय मरम्मत और मजदूरी भुगतान के नाम पर 42 हजार रुपये निकाले गए, जबकि स्कूल में बने दोनों शौचालय आज भी उपयोग योग्य नहीं बताए जा रहे हैं। इसी तरह प्राथमिक शाला के अतिरिक्त कक्ष जीर्णोद्धार के नाम पर 68 हजार रुपये खर्च दर्शाए गए, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष मौजूद ही नहीं हैं।

चारपारा प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के नाम पर 17 हजार रुपये की राशि निकाले जाने का भी आरोप है, लेकिन मौके पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य दिखाई नहीं देता। वहीं पेयजल व्यवस्था सुधारने और नए स्रोत विकसित करने के नाम पर भी लाखों रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि धनुहारपारा, बिंझवारपारा और बगईनाला में सबमर्सिबल पंप और पानी टंकी स्थापना के नाम पर राशि निकाली गई, लेकिन वहां कोई नया पंप या टंकी स्थापित नहीं की गई। इसी प्रकार बस्तीपारा, चारपारा और बंधियापारा में नाली सफाई कार्य के लिए 81 हजार से अधिक की राशि खर्च दिखाई गई, जबकि गांव की नालियों की स्थिति अब भी खराब बनी हुई है।

मामले में सबसे अधिक चर्चा पाइपलाइन विस्तार कार्य को लेकर हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार सुखनंदन घर से विष्णु घर तक पाइपलाइन विस्तार के नाम पर अलग-अलग तिथियों में कुल 3 लाख 9 हजार 908 रुपये निकाले गए। जबकि वास्तविकता में केवल लगभग 150 से 200 मीटर तक प्लास्टिक पाइप बिछाया गया है, जिसकी लागत ग्रामीणों के अनुसार डेढ़ लाख रुपये से अधिक नहीं हो सकती।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में हुए कथित भ्रष्टाचार की जानकारी कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भी चुप्पी बनी हुई है।

ग्रामवासियों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि अनियमितता साबित होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि शासन की विकास राशि का सही उपयोग होना चाहिए ताकि गांव के लोगों को वास्तविक लाभ मिल सके।