शुभम पेन्द्रो बने छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव, आदिवासी समाज की नई उम्मीद

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के युवा आदिवासी नेता शुभम पेन्द्रो को छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस का प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति आदिवासी समाज के संघर्ष, अधिकार और सम्मान का प्रतीक मानी जा रही है। शुभम ने पद ग्रहण के बाद जिम्मेदारी का भाव व्यक्त करते हुए संगठन को基层 से मजबूत करने का संकल्प लिया।

Jan 3, 2026 - 12:56
Jan 3, 2026 - 13:04
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शुभम पेन्द्रो बने छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश सचिव, आदिवासी समाज की नई उम्मीद

UNITED NEWS OF ASIA.  आवास केवर्त, रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजनीति में आदिवासी समाज के वर्षों के संघर्ष और आत्मसम्मान का प्रतीक बनते हुए शुभम पेन्द्रो को छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस का प्रदेश सचिव नियुक्त किया गया है। यह निर्णय केवल संगठनात्मक नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के विश्वास और उम्मीदों की ऐतिहासिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के जमीनी और संघर्षशील नेता शुभम पेन्द्रो ने गांव-गांव जाकर आदिवासी समाज की पीड़ा को अपनी आवाज़ बनाया है। उनकी नियुक्ति छत्तीसगढ़ आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के मार्गदर्शन में हुई है।

शुभम पेन्द्रो की नियुक्ति पर संगठन में नई ऊर्जा और उम्मीदों का संचार हुआ है। वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि यह नियुक्ति संगठन को基层 स्तर तक मजबूत करने और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा में अहम भूमिका निभाएगी। शुभम ने पद ग्रहण के बाद कहा“यह मेरे लिए पद नहीं, आदिवासी समाज के सपनों की जिम्मेदारी है। मैं इसे पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाऊंगा।”

पूर्व बिलासपुर जिला पंचायत सदस्य शुभम पेन्द्रो को मरवाही क्षेत्र में जमीनी और संघर्षशील नेता के रूप में जाना जाता है। युवाओं और महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता और सक्रियता उन्हें समाज के हर वर्ग का प्रिय नेता बनाती है।

उनकी प्राथमिकता ग्राम, सेक्टर और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना, आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा और कांग्रेस की विचारधारा को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना होगी। कांग्रेस नेताओं, समर्थकों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई दी और विश्वास जताया कि शुभम के नेतृत्व में आदिवासी कांग्रेस संगठन नई दिशा और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगा।

शुभम पेन्द्रो की यह नियुक्ति आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और भविष्य की लड़ाई को नई ताकत देने वाली मानी जा रही है।