उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दंतेल हाथियों के कारण मुख्य मार्ग एक घंटे रहा बाधित, वन विभाग ने संभाली स्थिति

नगरी क्षेत्र के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दो दंतेल हाथियों के सड़क पार करने से मुख्य मार्ग लगभग एक घंटे तक बंद रहा। वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए यातायात नियंत्रित किया और वाहन चालकों को सावधानी के निर्देश दिए। आसपास के गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

May 12, 2026 - 19:01
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उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में दंतेल हाथियों के कारण मुख्य मार्ग एक घंटे रहा बाधित, वन विभाग ने संभाली स्थिति

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l छत्तीसगढ़ के नगरी क्षेत्र अंतर्गत स्थित प्रसिद्ध वन्यजीव क्षेत्र Udanti Sitanadi Tiger Reserve में रविवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब दो दंतेल हाथियों के अचानक मुख्य मार्ग पर आ जाने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। यह घटना सीतानदी रेंज के बोरई मार्ग की बताई जा रही है, जहां हाथियों के सड़क पार करने के कारण लगभग एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो विशाल दंतेल हाथी जंगल से निकलकर अचानक सड़क पर आ गए और शांतिपूर्वक मार्ग पार करने लगे। इस दौरान वाहन चालकों ने तुरंत स्थिति को समझते हुए अपने वाहन रोक दिए, जिससे किसी प्रकार की अनहोनी टल गई। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए क्षेत्र में तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। विभागीय अधिकारियों ने सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया ताकि हाथियों को बिना किसी व्यवधान के सुरक्षित रूप से जंगल की ओर वापस जाने दिया जा सके। लगभग एक घंटे की सावधानीपूर्ण निगरानी के बाद जब हाथी सुरक्षित रूप से जंगल की ओर लौट गए, तब जाकर मार्ग को पुनः यातायात के लिए खोला गया।

वन विभाग ने इस दौरान वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को सख्त निर्देश दिए कि जंगल क्षेत्र में वाहन चलाते समय किसी प्रकार का हॉर्न या तेज आवाज का प्रयोग न करें, जिससे वन्यजीवों को अनावश्यक परेशानी न हो। साथ ही विभाग ने आसपास के ग्रामों में भी अलर्ट जारी करते हुए लोगों से अपील की है कि वे बिना आवश्यकता जंगल की ओर न जाएं और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में हाथियों का मूवमेंट इस क्षेत्र में लगातार देखा जा रहा है, जिसके चलते ग्रामीणों और यात्रियों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। हाथियों के प्राकृतिक आवास में मानव हस्तक्षेप बढ़ने से अक्सर इस प्रकार की परिस्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं, इसलिए सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे रात के समय भय का माहौल रहता है। हालांकि वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और गश्त भी बढ़ाई गई है, लेकिन लोगों को भी सहयोग करने की जरूरत है।

इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वन्यजीव क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियों को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।