खबर छपते ही हरकत में आई पुलिस, मासुल में सट्टा खाईवाल फरार

बालोद जिले के मासुल गांव में अवैध सट्टा-पट्टी की खबर प्रकाशित होने के बाद रनचिरई पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन खाईवाल पहले ही फरार हो गया। ग्रामीणों ने स्थायी कार्रवाई की मांग की है।

May 12, 2026 - 19:08
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खबर छपते ही हरकत में आई पुलिस, मासुल में सट्टा खाईवाल फरार

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद। गुंडरदेही क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मासुल में लंबे समय से चल रहे अवैध सट्टा-पट्टी कारोबार को लेकर आखिरकार प्रशासन हरकत में आ गया है। गांव में सट्टा लिखे जाने की खबर प्रकाशित होने के बाद रनचिरई पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही मुख्य खाईवाल वहां से फरार हो गया।

ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी खाईवाल प्रतिदिन शाम करीब 6 बजे से 7 बजे के बीच मासुल-बोदल नहर नाली मार्ग के किनारे खेतों में बैठकर खुलेआम सट्टा-पट्टी लिखने का काम करता था। यह गतिविधि पिछले लगभग चार महीनों से लगातार चल रही थी, जिसके कारण गांव के युवाओं में सट्टे की लत बढ़ती जा रही थी।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार की कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें पुलिस को दी गई थीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण ही खाईवाल को खुलेआम धंधा चलाने का मौका मिलता रहा। हालांकि खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई और मौके पर दबिश दी, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी अब केवल मौके पर बैठकर सट्टा नहीं लिख रहा था, बल्कि व्हाट्सएप जैसे डिजिटल माध्यमों के जरिए भी सट्टे के नंबरों का लेन-देन कर रहा था। इससे यह अवैध कारोबार और अधिक संगठित रूप में फैलता जा रहा था, जो पुलिस के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि सट्टा कारोबार के कारण गांव के कई युवा आर्थिक और मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। कई परिवार कर्ज में डूबने की स्थिति तक पहुंच चुके हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस केवल औपचारिक कार्रवाई न करे, बल्कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर इस पूरे नेटवर्क को समाप्त करे।

वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी मिलते ही टीम भेजी गई थी और आगे भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ने के प्रयास तेज किए जाएंगे।

अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या रनचिरई पुलिस इस सट्टा नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने में सफल होती है या आरोपी फिर से किसी नए स्थान से अपना अवैध कारोबार शुरू कर देता है। क्षेत्र में युवाओं को सट्टे की लत से बचाने के लिए कड़ी और स्थायी कार्रवाई की मांग लगातार जोर पकड़ रही है।