राजनांदगांव में भीषण आग: शॉर्ट सर्किट से मकान जलकर खाक, बच्चों की किताबें भी नहीं बचीं
राजनांदगांव के बसंतपुर स्थित राजीव नगर में शॉर्ट सर्किट के कारण एक घर में भीषण आग लग गई। घटना के समय घर खाली था, जिससे बड़ा हादसा टल गया, लेकिन पूरा सामान जलकर खाक हो गया।
UNITED NEWS OF ASIA. नेमिष अग्रवाल, राजनांदगांव । राजनांदगांव जिले के बसंतपुर क्षेत्र स्थित राजीव नगर में सोमवार को एक भीषण आगजनी की घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के समय घर में कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घर में रखा सारा सामान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इसमें बिस्तर, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, बच्चों की कॉपी-किताबें और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। परिवार को इस हादसे में भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
स्थानीय लोगों ने जैसे ही आग की लपटें उठती देखीं, तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, जिससे आसपास के अन्य मकानों को नुकसान होने से बचा लिया गया।
इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग करते रहे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो यह आग आसपास के घरों तक भी फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था।
पूर्व पार्षद ऋषि शास्त्री ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसे मामलों में तत्परता से सहायता प्रदान करनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को राहत मिल सके।
गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर के पूरी तरह जल जाने से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। अब उन्हें फिर से अपने जीवन को पटरी पर लाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
यह घटना एक बार फिर से यह याद दिलाती है कि बिजली संबंधी सुरक्षा उपायों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से बचने के लिए नियमित रूप से विद्युत व्यवस्था की जांच आवश्यक है, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है और पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।