सुशासन तिहार के तहत बोड़ला में ‘स्वस्थ नारी अभियान’ शुरू, वनांचल की महिलाओं तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं

कवर्धा जिले के बोड़ला विकासखंड में सुशासन तिहार के अंतर्गत ‘स्वस्थ नारी अभियान’ की शुरुआत की गई है। समाधान शिविरों के माध्यम से महिलाओं और किशोरियों की निःशुल्क हीमोग्लोबिन जांच की जा रही है। अब तक 320 से अधिक महिलाओं की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया गया है।

May 12, 2026 - 18:35
May 12, 2026 - 18:43
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सुशासन तिहार के तहत बोड़ला में ‘स्वस्थ नारी अभियान’ शुरू, वनांचल की महिलाओं तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ में चल रहे सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर अब केवल जनसमस्याओं के निराकरण तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में कबीरधाम जिले के आकांक्षी विकासखंड बोड़ला में राज्य शासन और नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में ‘स्वस्थ नारी अभियान’ की शुरुआत की गई है।

यह अभियान सुशासन तिहार के समाधान शिविरों के माध्यम से संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की समय पर पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना है। शिविरों में निःशुल्क हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य की प्रारंभिक स्थिति का आकलन किया जा सके।

जांच के बाद जरूरतमंद महिलाओं को उपचार, रेफरल सुविधा, आयरन फोलिक एसिड टैबलेट्स का वितरण तथा संतुलित आहार और जीवनशैली से संबंधित परामर्श भी दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार शिविरों में सक्रिय रहकर महिलाओं को जागरूक कर रही हैं।

4 मई 2026 को झलमला क्षेत्र से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक तीन स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में लगभग 320 महिलाओं और किशोरियों की हीमोग्लोबिन जांच की गई है। कई महिलाओं ने पहली बार अपनी स्वास्थ्य जांच कराई, जिससे उन्हें अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी मिली और समय पर इलाज की दिशा में कदम बढ़ाया गया।

शिविरों में मौजूद डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं को एनीमिया के लक्षण, कारण और बचाव के उपायों की जानकारी दी। साथ ही आयरन फोलिक एसिड टैबलेट्स के नियमित सेवन और संतुलित पोषण आहार को दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन का प्रयास है कि वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं सीधे पहुंचें। ‘स्वस्थ नारी अभियान’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य सुधार में सहायक है, बल्कि उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।

इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और महिलाओं में नियमित स्वास्थ्य जांच की प्रवृत्ति विकसित हो रही है, जो भविष्य में एक स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।