अम्लेश्वर खारुन नदी में डूबे युवक का शव बरामद, SDRF टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

दुर्ग जिले के अम्लेश्वर स्थित खारुन नदी में डूबे 19 वर्षीय युवक का शव SDRF टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान बरामद कर पुलिस को सौंप दिया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डिप डाइविंग के जरिए शव बाहर निकाला।

May 1, 2026 - 14:29
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अम्लेश्वर खारुन नदी में डूबे युवक का शव बरामद, SDRF टीम ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l दुर्ग जिले के अम्लेश्वर स्थित खारुन नदी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां एक 19 वर्षीय युवक के डूबने की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए SDRF टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। जानकारी के अनुसार कंट्रोल रूम दुर्ग को खारुन नदी में युवक के डूबने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद राहत एवं बचाव दल तुरंत सक्रिय हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम जिला सेनानी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया और बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।

एसडीआरएफ प्रभारी धनीराम यादव के मार्गदर्शन में टीम ने पूरी सावधानी और कुशलता के साथ अभियान चलाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान डिप डाइविंग एक्सपर्ट ओंकार और भानुप्रताप ने गहरे पानी में उतरकर युवक की तलाश की। कड़ी मशक्कत के बाद उन्होंने डिप डाइविंग के माध्यम से युवक के शव को पानी से बाहर निकाला।

रेस्क्यू ऑपरेशन में SDRF टीम के अन्य सदस्यों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अभियान में राजकुमार यादव, थानेश्वर, विनय, हेमराज, राजू महानंद, दिलीप और रमेश सहित अन्य जवानों ने पूरी मेहनत और समर्पण के साथ कार्य किया। टीम के सामूहिक प्रयास से शव को सुरक्षित बाहर निकालकर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया गया।

मृतक की पहचान मोहम्मद मोहिउद्दीन (उम्र 19 वर्ष) के रूप में हुई है, जो रायपुर के मौदहा पारा क्षेत्र का निवासी था। उसके पिता का नाम मोहम्मद नजीमुद्दीन बताया गया है। युवक के असमय निधन से परिवार और क्षेत्र में शोक का माहौल है।

घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक के नदी में डूबने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

इस घटना ने एक बार फिर जल स्रोतों के पास सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित किया है। प्रशासन और विशेषज्ञों द्वारा बार-बार लोगों को नदी और अन्य जलाशयों में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, ताकि इ