सिरगुड़ी में 4.78 करोड़ की लागत से बनेगा विद्युत उपकेन्द्र, 14 गांवों के 7,850 उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
सिंगरौली जिले के सिरगुड़ी में 4.78 करोड़ रुपये की लागत से 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र का भूमि पूजन किया गया। परियोजना से 14 गांवों के करीब 7,850 उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l सिंगरौली जिले के चितरंगी विकासखंड अंतर्गत सिरगुड़ी क्षेत्र को ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिरगुड़ी में नवीन 33/11 केवी विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया गया। लगभग 478.74 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना का शुभारंभ पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह और सीधी-सिंगरौली सांसद राजेश मिश्रा ने विधिवत पूजा-अर्चना और फावड़ा चलाकर किया।
यह परियोजना एनसीएल के कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) मद के अंतर्गत मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, ग्रामीण संभाग बैढ़न द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री राधा सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि इस विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण से क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और नियमित बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, जिससे किसानों, विद्यार्थियों और छोटे व्यापारियों को विशेष लाभ होगा।
सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास में मजबूत विद्युत व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बताया कि नए विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना से लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं में काफी कमी आएगी। इससे उपभोक्ताओं को निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
परियोजना के तहत 8.85 किलोमीटर लंबी 33 केवी विद्युत लाइन तथा 12.23 किलोमीटर लंबी 11 केवी विद्युत लाइन का निर्माण एवं विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा 5 एमवीए क्षमता के एक पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना भी की जाएगी। परियोजना पूर्ण होने के बाद क्षेत्र की बिजली व्यवस्था अधिक सुदृढ़, प्रभावी और भरोसेमंद बनेगी।
इस विद्युत उपकेन्द्र से बैरहवा, धरौहा, अजगढ़, गौरीहवा, खैरचन, सिधार, सिलफोरी, भोस, चकरिया, चुरकी, बड़गड़, कतरीहार, सकेती और बुटवा सहित 14 गांवों के लगभग 7,850 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। वोल्टेज की समस्या में सुधार होने के साथ-साथ फॉल्ट की स्थिति में बिजली आपूर्ति तेजी से बहाल की जा सकेगी। इससे कृषि कार्यों, घरेलू जरूरतों और व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
भूमि पूजन कार्यक्रम में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मान सिंह सैयाम, नायब तहसीलदार सारिका परस्ते, अधीक्षण अभियंता अजीत सिंह बघेल, राहुल अंठवाल, एनसीएल सीएसआर प्रबंधन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। यह परियोजना क्षेत्र के विकास और ग्रामीण विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।