अमृत 2.0 योजना में लापरवाही का आरोप, दीनदयाल नगर के रहवासियों ने नगर परिषद को सौंपा ज्ञापन

रतलाम जिले के धामनोद नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 12 स्थित दीनदयाल नगर के रहवासियों ने अमृत 2.0 योजना के कार्यों में लापरवाही, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नगर परिषद को ज्ञापन सौंपा है। सात दिनों में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

Jul 27, 2026 - 16:28
 0  62
अमृत 2.0 योजना में लापरवाही का आरोप, दीनदयाल नगर के रहवासियों ने नगर परिषद को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l रतलाम जिले की धामनोद नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 12 स्थित दीनदयाल नगर के रहवासियों ने अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। रहवासियों का कहना है कि योजना के नाम पर क्षेत्र की सड़कों और पेयजल व्यवस्था को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया गया है, जबकि दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।

ज्ञापन में बताया गया है कि अमृत 2.0 योजना के तहत नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान पुरानी पेयजल लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। पानी की नियमित आपूर्ति बंद होने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है और कई परिवारों को वैकल्पिक स्रोतों से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य शुरू करने के बाद सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। जगह-जगह मिट्टी और मलबे के ढेर लगे होने से लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो गई है, क्योंकि खुदी हुई सड़कों पर कीचड़ और जलभराव से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

ज्ञापन में ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। रहवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था की भी अनदेखी की जा रही है। बिना किसी पर्याप्त सुरक्षा संकेतक या बैरिकेडिंग के कार्य किए जाने से आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

रहवासियों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में तत्काल पेयजल आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर अधिकतम 15 दिनों के भीतर पूरा कराया जाए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है।

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि सात दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो दीनदयाल नगर के रहवासी धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था या जनसुविधा संबंधी समस्या की पूरी जिम्मेदारी नगर परिषद प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की होगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अमृत 2.0 जैसी महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर पेयजल और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन कार्यों में लापरवाही के कारण लोगों को सुविधा मिलने के बजाय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब क्षेत्रवासी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई और गुणवत्तापूर्ण कार्य की उम्मीद लगाए हुए हैं।