किरंदुल में पत्रकार संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में विज्ञापन भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। पत्रकारों के अनुसार, विभिन्न संस्थाओं और संगठनों की गतिविधियों से जुड़े विज्ञापन मीडिया संस्थानों और समाचार माध्यमों में प्रकाशित किए गए थे। विज्ञापन प्रकाशन के बाद नियमानुसार भुगतान किया जाना था, लेकिन लंबे समय से राशि लंबित है। इससे पत्रकारों और छोटे मीडिया संस्थानों के सामने आर्थिक कठिनाइयां पैदा होने की बात कही गई है।
पत्रकार संगठन ने BTOA की पिछली कमेटी के कार्यकाल में हुए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए हैं। संगठन के अनुसार, पिछली कमेटी द्वारा करीब 1 करोड़ 54 लाख रुपये खर्च किए गए। पत्रकारों का आरोप है कि संस्था के विभिन्न मदों में बड़ी राशि खर्च की गई, लेकिन पत्रकारों के विज्ञापन भुगतान के लिए राशि उपलब्ध नहीं होने की बात कही जा रही है। पत्रकार संगठन ने इसी विषय को ज्ञापन के माध्यम से कोर कमेटी के सामने रखा और लंबित भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
पत्रकारों का कहना है कि मीडिया संस्थान और पत्रकार समाचारों के साथ-साथ विभिन्न संस्थाओं की गतिविधियों और कार्यक्रमों से संबंधित विज्ञापन भी प्रकाशित करते हैं। विज्ञापन के माध्यम से संस्थाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचती है और मीडिया इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद लंबे समय तक भुगतान लंबित रहने से मीडिया संस्थानों के संचालन पर आर्थिक दबाव पड़ सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से पत्रकार संगठन ने BTOA प्रबंधन से मांग की कि लंबित विज्ञापन भुगतान की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। पत्रकारों ने कहा कि लंबे समय से बकाया राशि मिलने की उम्मीद में वे लगातार इंतजार कर रहे हैं। भुगतान में हो रही देरी को लेकर पत्रकारों के बीच असंतोष बढ़ रहा है और वे चाहते हैं कि इस मामले का जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए।
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद BTOA की कोर कमेटी ने पत्रकार संगठन को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। कोर कमेटी की ओर से कहा गया कि लंबित विज्ञापन भुगतान के मामले को जल्द सुलझाने का प्रयास किया जाएगा और आजकल में समस्या का समाधान निकालने की बात कही गई। इसके बाद अब पत्रकार संगठन की नजर कोर कमेटी के आश्वासन पर है।
पत्रकारों ने उम्मीद जताई है कि कोर कमेटी अपने आश्वासन के अनुरूप जल्द कार्रवाई करेगी और लंबे समय से लंबित विज्ञापन भुगतान का निराकरण किया जाएगा। इससे पत्रकारों और संबंधित मीडिया संस्थानों को उनकी बकाया राशि मिल सकेगी। वहीं पिछली कमेटी के खर्च को लेकर लगाए गए आरोपों और भुगतान में देरी की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों और संस्था के रिकॉर्ड की जांच से स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल किरंदुल-बचेली के पत्रकारों की मुख्य मांग लंबित विज्ञापन भुगतान का जल्द निराकरण है। पत्रकार संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह अपने हक की राशि के भुगतान को लेकर BTOA प्रबंधन के आश्वासन के आधार पर आगे की कार्रवाई पर नजर रखेगा। यदि निर्धारित समय में भुगतान संबंधी समस्या का समाधान होता है तो लंबे समय से चली आ रही यह परेशानी दूर हो सकती है।