कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने अधिकारियों से कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़कर उन्हें समय पर लाभ दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। अभियान के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर व्यापक प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ-साथ विकसित भारत 2047 के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लेने का अवसर है। अभियान के दौरान केंद्र और राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पात्र नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही ऐसे हितग्राहियों की पहचान की जाएगी, जो पात्र होने के बावजूद अभी तक योजनाओं के लाभ से नहीं जुड़ पाए हैं। नोडल अधिकारियों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और जनसहभागिता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना नहीं है, बल्कि नागरिकों को विकास की प्रक्रिया से जोड़ना भी है। इसके लिए प्रत्येक परिवार की सहभागिता सुनिश्चित करने और ग्रामीणों तक योजनाओं तथा सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी गतिविधियां आयोजित की जाएं। अधिकारियों से लोगों की आवश्यकताओं और समस्याओं को समझकर उनके समयबद्ध निराकरण की दिशा में काम करने को कहा गया।
17 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर भी कलेक्टर ने दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दीप प्रज्वलन के माध्यम से जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया जाएगा। इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर आवश्यक तैयारी और जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए।
नोडल अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित ग्राम पंचायतों का नियमित निरीक्षण करने के लिए भी कहा गया। उन्हें ग्राम स्तर पर शासन की योजनाओं और कार्यक्रमों की पहुंच का फीडबैक लेने तथा ग्रामीणों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि नोडल अधिकारी केवल निरीक्षण तक सीमित न रहें, बल्कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय भी करें।
उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने की अपेक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। ग्राम पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर सेवा, विकास और जनकल्याण की भावना को मजबूत किया जाए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, अपर कलेक्टर अजय उरांव, डिप्टी कलेक्टर अश्वन कुमार पूसाम सहित फरसगांव और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अभियान से संबंधित तैयारियों और जिम्मेदारियों को लेकर आवश्यक जानकारी प्राप्त की। जिला प्रशासन का लक्ष्य सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लोगों तक पहुंचाना और विकसित भारत 2047 के संकल्प में जिले की व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।