सिंगरौली अडानी पावर प्लांट हादसा: बॉयलर में फंसने से मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

सिंगरौली जिले के बधौरा क्षेत्र स्थित अडानी पावर प्लांट में बॉयलर में फंसने से एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और श्रमिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस जांच जारी है।

Jun 10, 2026 - 18:05
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सिंगरौली अडानी पावर प्लांट हादसा: बॉयलर में फंसने से मजदूर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l सिंगरौली जिले के बधौरा क्षेत्र स्थित अडानी पावर प्लांट में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जिसमें बॉयलर में फंसने से एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और अन्य श्रमिकों के बीच दहशत फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कार्य के दौरान मजदूर किसी तकनीकी या मानवीय चूक के कारण बॉयलर की चपेट में आ गया, जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस अधीक्षक सिंगरौली ने एक मजदूर की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस बल को मौके पर भेज दिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर प्लांट में भगदड़ से संबंधित एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि प्रशासन द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं सूत्रों के अनुसार, हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने प्लांट के अंदर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी और सुरक्षा व्यवस्था के तहत अतिरिक्त गार्ड या बाउंसर तैनात कर दिए गए।

इस दुर्घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों, विशेषकर निजी पावर प्लांटों में श्रमिक सुरक्षा और सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मजदूर संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं सुरक्षा नियमों की अनदेखी और पर्याप्त प्रशिक्षण की कमी के कारण भी हो सकती हैं। यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाता तो इस तरह की दुर्घटना को टाला जा सकता था।

फिलहाल मृतक मजदूर की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और उसके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की गहन जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी का परिणाम था, मानवीय त्रुटि थी या सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ी चूक हुई है।

इस घटना ने एक बार फिर उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है, और आने वाले समय में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।