रैली में बड़ी संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बस स्टैंड से कलेक्टर कार्यालय तक पहुंचे। इस दौरान पूरे मार्ग पर छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में यदि किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता होती है तो इसका सीधा असर लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है। उन्होंने मांग की कि परीक्षा से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सभा को संबोधित करते हुए महेश पटेल ने कहा कि लाखों विद्यार्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम कर नीट परीक्षा की तैयारी करते हैं। परिवार भी अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से हर संभव सहयोग करता है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कथित गड़बड़ी छात्रों के साथ अन्याय है और इससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आंदोलनरत छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई की भी आलोचना करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है। यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं सुना जाता और उनके साथ कठोर व्यवहार किया जाता है तो यह चिंता का विषय है।
रैली के समापन पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। ज्ञापन में नीट परीक्षा से जुड़े कथित आरोपों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, आदिवासी विकास परिषद के पदाधिकारी, छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ तथा प्रशासन को ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।