मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग

ग्वालियर में NSUI ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग उठाई। संगठन ने कहा कि छात्रों को अपने प्रतिनिधियों का सीधे मतदान के माध्यम से चयन करने का अधिकार मिलना चाहिए। NSUI ने अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों में प्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था का उदाहरण देते हुए प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की।

Aug 11, 2026 - 11:50
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मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. आलोक सक्सेना, ग्वालियर l मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने की मांग को लेकर ग्वालियर NSUI ने आवाज बुलंद की है। संगठन की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रसंघ चुनाव को लेकर अपनी मांग रखते हुए कहा गया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रों को अपने प्रतिनिधियों का सीधे मतदान के माध्यम से चुनाव करने का अधिकार मिलना चाहिए।

NSUI ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। संगठन के अनुसार जब छात्र स्वयं मतदान कर अपने प्रतिनिधि का चयन करते हैं, तो निर्वाचित प्रतिनिधि और छात्रों के बीच सीधा संबंध और जवाबदेही स्थापित होती है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI ने देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय, पंजाब विश्वविद्यालय, पटना विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और राजस्थान विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में छात्रों को प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलता है। संगठन का कहना है कि जब देश के अन्य प्रमुख विश्वविद्यालयों में छात्रों की प्रत्यक्ष भागीदारी के माध्यम से छात्र प्रतिनिधियों का चयन किया जा सकता है, तो मध्यप्रदेश के छात्रों को भी यह लोकतांत्रिक अवसर मिलना चाहिए।

NSUI ने प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली के बीच अंतर बताते हुए कहा कि प्रत्यक्ष चुनाव में छात्र स्वयं मतदान करके अपने प्रतिनिधि का चयन करते हैं। इससे चुने गए प्रतिनिधि की जिम्मेदारी सीधे छात्रों के प्रति होती है। वहीं अप्रत्यक्ष प्रणाली में छात्र अपने प्रतिनिधि का सीधे चुनाव नहीं करते और प्रतिनिधि चयन की प्रक्रिया अलग माध्यम से पूरी होती है।

संगठन ने कहा कि छात्रसंघ केवल पद और चुनाव तक सीमित व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को समझने का अवसर प्रदान करता है। कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर छात्र अपने मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना सीखते हैं और भविष्य में सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार होते हैं।

NSUI ने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि छात्रहित को ध्यान में रखते हुए छात्रसंघ चुनाव कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। संगठन ने कहा कि चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली के आधार पर कराए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थी अपने प्रतिनिधियों का स्वतंत्र रूप से चयन कर सकें।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में NSUI जिला अध्यक्ष पवन शर्मा ने छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्रसंघ चुनाव की आवश्यकता पर अपनी बात रखी। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने भी छात्रसंघ चुनाव को लेकर संगठन की मांग का समर्थन किया। NSUI जिला प्रभारी अरविंद चौहान, NSUI जिला उपाध्यक्ष संस्कार भटनागर और आशीष तिवारी सहित संगठन के अन्य नेता भी मौजूद रहे।

NSUI जिला अध्यक्ष पवन शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने का प्रत्यक्ष अधिकार मिलना चाहिए और मध्यप्रदेश में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को जल्द बहाल किया जाना चाहिए। वहीं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने भी छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए मांग का समर्थन किया।

ग्वालियर NSUI ने स्पष्ट किया कि छात्रसंघ चुनाव का उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में सक्रिय भागीदारी का अवसर देना है। संगठन ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से इस दिशा में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रसंघ चुनाव को लेकर क्या निर्णय लेते हैं।