राकेश यादव के पत्राचार के बाद बालोद बिजली कार्यालय को मिला जोन का दर्जा

बालोद जिला मुख्यालय के बिजली कार्यालय को सब डिविजन से जोन का दर्जा मिल गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने 11 सितंबर 2026 को इसका आदेश जारी किया। राकेश यादव ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शहर व ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग बिजली प्रशासनिक व्यवस्था की मांग की थी। जोन बनने से बिजली संबंधी कार्यों और उपभोक्ता शिकायतों के निराकरण में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

Sep 25, 2026 - 12:54
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राकेश यादव के पत्राचार के बाद बालोद बिजली कार्यालय को मिला जोन का दर्जा

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद। जिला मुख्यालय बालोद के बिजली कार्यालय को अब सब डिविजन से जोन का दर्जा मिल गया है। जिला बनने के करीब 14 साल बाद बिजली विभाग के प्रशासनिक ढांचे में यह बदलाव हुआ है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की ओर से बालोद विद्युत कार्यालय को जोन का दर्जा देने का आदेश जारी किया गया है। कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) कार्यालय रायपुर से 11 सितंबर 2026 को जारी आदेश के बाद अब शहर और ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को अलग-अलग स्तर पर संचालित करने की दिशा में प्रशासनिक व्यवस्था तैयार होगी।

बालोद बिजली कार्यालय को जोन का दर्जा मिलने के बाद भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं जनसेवक राकेश यादव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के अध्यक्ष सुबोध सिंह और पूर्व अध्यक्ष रोहित यादव के प्रति आभार जताया है। राकेश यादव ने कहा कि लंबे समय से बालोद में बिजली विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

राकेश यादव के अनुसार, उन्होंने 10 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र भेजकर बालोद शहर में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी का नया सहायक अभियंता कार्यालय शुरू करने की मांग की थी। इसके बाद 20 जुलाई 2025 और 4 अगस्त 2025 को उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र भेजकर बालोद शहर और बालोद ग्रामीण के लिए अलग-अलग डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर बनाने तथा बालोद शहर में नया सहायक अभियंता कार्यालय शुरू करने की मांग रखी गई थी।

उनका कहना है कि इन मांगों पर शासन स्तर से कार्रवाई के बाद बालोद बिजली कार्यालय को सब डिविजन से जोन का दर्जा दिया गया है। नई प्रशासनिक व्यवस्था से बिजली विभाग के कामकाज को क्षेत्रवार व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं की शिकायतों, बिजली आपूर्ति से जुड़े मामलों और विभागीय कार्यों की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

विभागीय व्यवस्था के अनुसार जोन स्तर पर एक सहायक अभियंता और दो कनिष्ठ अभियंताओं की व्यवस्था रहेगी। सीएसईबी के सहायक अभियंता हेमंत हिरवानी ने भी बालोद बिजली कार्यालय को जोन का दर्जा मिलने की पुष्टि की है। उनके अनुसार क्षेत्र और जिम्मेदारियों का अलग-अलग बंटवारा होने से मौजूदा कार्यभार को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग कनिष्ठ अभियंता की जिम्मेदारी तय होने से गांवों में बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।

जोन स्तर की व्यवस्था लागू होने के बाद फॉल्ट सुधार, बिजली आपूर्ति, नए कनेक्शन, लाइन विस्तार, ट्रांसफार्मर से जुड़े कार्य और उपभोक्ता शिकायतों की मॉनिटरिंग क्षेत्र के अनुसार की जा सकेगी। ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग जिम्मेदारी निर्धारित होने से गांवों में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इधर बालोद शहर में नए सब स्टेशन के माध्यम से बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। सदर रोड, पांडेपारा, बुधवारी बाजार, संजय नगर, रामदेव, मधु चौक, बुढ़ापारा और लोहारारोड सहित आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए काम किया जा रहा है। मुख्यालय में कंट्रोल रूम और नए सब स्टेशन के साथ 5 एमवीए यानी 5 हजार केवीए क्षमता के पावर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर की स्थापना का काम भी पूरा हो चुका है।

राकेश यादव ने कहा कि बालोद बिजली कार्यालय को जोन का दर्जा मिलने से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था को अलग-अलग स्तर पर संचालित करने में सुविधा होगी। इससे विभागीय कामकाज की निगरानी, बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने जोन का दर्जा दिए जाने के लिए शासन और बिजली विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।