धनोरा में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, राकेश उसेंडी ने कहा- क्षेत्रवासियों की सेवा और सहयोग जारी रहेगा

नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत धनोरा में नीरामय आरोग्य संस्थान की पहल पर निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई। चिन्हित मोतियाबिंद मरीजों का रायपुर में निःशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा, जबकि जरूरतमंद विद्यार्थियों को चश्मे उपलब्ध कराए जाएंगे।

Sep 25, 2026 - 12:25
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धनोरा में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर, राकेश उसेंडी ने कहा- क्षेत्रवासियों की सेवा और सहयोग जारी रहेगा

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर/छोटेडोंगर। अबूझमाड़ और नारायणपुर जिले के दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में नीरामय आरोग्य संस्थान की पहल लगातार जारी है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत धनोरा के माध्यमिक शाला परिसर में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई। विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में जांच होने से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही नेत्र संबंधी परामर्श और आवश्यक जानकारी मिल सकी।

शिविर का आयोजन छत्तीसगढ़ के श्री अरविंदो नेत्रालय मेडिकल रिसर्च सेंटर, रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से किया गया। चिकित्सकीय टीम ने बच्चों और ग्रामीणों की आंखों की जांच कर नेत्र संबंधी समस्याओं की पहचान की। जांच के दौरान जिन मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या चिन्हित हुई है, उनका संस्थान के सहयोग से रायपुर स्थित अरविंदो नेत्रालय में ऑपरेशन कराया जाएगा। वहीं जिन विद्यार्थियों को चश्मे की आवश्यकता पाई गई है, उन्हें निःशुल्क चश्मे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

शिविर में जिला पंचायत सदस्य एवं क्षेत्र क्रमांक 08 छोटेडोंगर के राकेश उसेंडी भी विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने शिविर में पहुंचे बच्चों और ग्रामीणों से मुलाकात कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों और आयोजन से जुड़े लोगों से भी शिविर में की जा रही जांच तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

राकेश उसेंडी ने कहा कि दुर्गम और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की जरूरत है। क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और जरूरतमंद लोगों तक शासन तथा सामाजिक संस्थाओं की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए उनका सहयोग आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि दूरस्थ इलाकों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए इस तरह के शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में पंच गुलचंद पटेल और नरेंद्र मरकाम सहित स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा निःशुल्क नेत्र जांच की सुविधा मिलना उनके लिए महत्वपूर्ण है। इससे समय रहते आंखों से जुड़ी बीमारियों की पहचान और उपचार की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

नीरामय आरोग्य संस्थान द्वारा अबूझमाड़ और नारायणपुर के अलावा बीजापुर, दंतेवाड़ा तथा महाराष्ट्र से लगे सीमावर्ती गांवों में भी नेत्र जांच अभियान चलाया जा रहा है। संस्था के अनुसार अब तक 45 प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नेत्र जांच शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों के दौरान चिन्हित 35 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है।

संस्था द्वारा नारायणपुर में सबरी माता गुरुकुल का संचालन भी किया जा रहा है, जहां गरीब और आदिवासी परिवारों के करीब 600 बच्चे अध्ययनरत हैं। संस्था की ओर से शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़कर दूरस्थ क्षेत्रों में लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैं। धनोरा का शिविर भी इसी प्रयास का हिस्सा रहा, जिससे विद्यार्थियों और ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ नेत्र जांच और आगे के उपचार से जुड़ी जानकारी मिल सकी।