सस्ती नहीं, मुफ्त बिजली की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़, जनकल्याण से रच रहा विकास की नई इबारत

छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितकारी नीतियों ने राज्य को सस्ती नहीं बल्कि मुफ्त बिजली की दिशा में अग्रसर कर दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को मिल रही राहत से न केवल आम परिवारों का आर्थिक बोझ कम हुआ है, बल्कि कृषि उत्पादन और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिली है।

Jan 9, 2026 - 11:42
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सस्ती नहीं, मुफ्त बिजली की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़, जनकल्याण से रच रहा विकास की नई इबारत

UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद | छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सच्चा विकास वही है, जो आम जनता के जीवन को आसान बनाए। जहाँ देश के कई राज्यों में बढ़ते बिजली बिल आम नागरिकों और किसानों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार सस्ती नहीं बल्कि मुफ्त बिजली की दिशा में ठोस कदम बढ़ा रही है।

राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी जा रही है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बिजली अब बोझ नहीं, बल्कि सुविधा बनती जा रही है। कम बिजली खर्च से घरों का मासिक बजट संतुलित हुआ है और आम नागरिकों को आर्थिक संबल मिला है।

वहीं किसानों के लिए खेती के कार्यों में मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं को मिल रहा है। सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली मिलने से खेती की लागत घटी है और उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं और किसानों की आय में भी सुधार हो रहा है।

मुफ्त बिजली = मजबूत किसान
कम खर्च = खुशहाल परिवार
ऊर्जा में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़

सरकार का स्पष्ट कहना है कि बिजली को मुनाफे का साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम बनाया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ राज्य में ऊर्जा उत्पादन, वितरण और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सोलर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे छत्तीसगढ़ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

विकास का अर्थ केवल योजनाओं की घोषणा नहीं, बल्कि उनका जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न सिर्फ घरों में रोशनी ला रही है, बल्कि किसानों की जिंदगी को भी आसान बना रही है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिली है और सामाजिक संतुलन भी मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज
“रोशनी में भी आगे, राहत में भी आगे”
का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है। छत्तीसगढ़ उजाले की उस राह पर चल पड़ा है, जहाँ बिजली बोझ नहीं, बल्कि सुविधा और विकास का आधार है।