रायपुर में प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर

रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय प्राचार्य बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी और परिणामोन्मुखी शिक्षा पर जोर देते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।

Apr 10, 2026 - 13:43
Apr 10, 2026 - 13:43
 0  4
रायपुर में प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर  रायपुर में पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, साइंस कॉलेज ग्राउंड में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम विद्यालयों के प्राचार्यों की राज्य स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने की, जिसमें राज्यभर के लगभग 751 विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप मंत्र और सरस्वती वंदना के साथ किया गया। इस दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और उनके सामाजिक न्याय, समानता एवं शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को भी स्मरण किया गया। मंत्री श्री यादव ने प्राचार्यों से अपेक्षा की कि वे इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दें।

बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक कार्यों को अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुखी बनाना रहा। इस दौरान बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारण, NEET एवं JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने, पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया और अंग्रेजी भाषा दक्षता में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही पीटीए बैठकों की समीक्षा और पालकों की सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे विद्यालयों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का व्यवहार मिलनसार होना चाहिए और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व नागरिकों के साथ अच्छे संबंध स्थापित किए जाएं। उन्होंने प्रत्येक छात्र पर व्यक्तिगत ध्यान देने और प्राचार्यों को स्वयं भी कम से कम एक कक्षा लेने के निर्देश दिए।

बैठक में सह-शैक्षणिक गतिविधियों, स्मार्ट क्लासरूम और पुस्तकालयों के बेहतर उपयोग पर भी विचार-विमर्श किया गया। सेजस (SEJAS) के विजन और मिशन को प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि राज्य में 4.22 लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।

मंत्री ने निर्देशित किया कि विद्यालयों में प्रतिदिन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और दीप मंत्र का आयोजन हो, जबकि छुट्टी के समय गायत्री मंत्र और शांति पाठ किया जाए। शनिवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाने, योग अभ्यास, गार्डनिंग और हाउसकीपिंग जैसे कौशल सिखाने के लिए समूह बनाए जाएं।

उन्होंने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इसके साथ ही प्रत्येक माह “इंग्लिश स्पीकिंग डे” मनाने और विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में समग्र शिक्षा आयुक्त किरण कौशल, संयुक्त सचिव फरिहा आलम सिद्दकी, एससीईआरटी के संयुक्त संचालक के. कुमार, उपसंचालक ए.एन. बंजारा और डीईओ हिमांशु भारतीय सहित प्रदेशभर के प्राचार्य उपस्थित रहे। यह बैठक राज्य की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।