गंगा दशहरा पर गनियारी तालाब में जल स्रोत पूजन, संरक्षण और स्वच्छता का लिया संकल्प

सिंगरौली जिले में गंगा दशहरा के अवसर पर जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत गनियारी तालाब में विशेष पूजन और जल संरक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष सीमा जायसवाल और उपायुक्त आर.पी. बैस सहित बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सभी ने पारंपरिक जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।

May 26, 2026 - 13:40
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गंगा दशहरा पर गनियारी तालाब में जल स्रोत पूजन, संरक्षण और स्वच्छता का लिया संकल्प

UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l सिंगरौली जिले में गंगा दशहरा के अवसर पर जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों की स्वच्छता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। “जल-गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत गनियारी तालाब परिसर में पूजन-अर्चन और जनजागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, नगर निगम अधिकारियों, सफाई मित्रों और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष सीमा जायसवाल और नगर निगम उपायुक्त आर.पी. बैस प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। सभी ने तालाब परिसर में विधि-विधान से पूजन कर जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया गया

गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व को समझाना था। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि तालाब, कुएं और अन्य जल स्रोत केवल पानी का साधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर भी हैं। इनकी स्वच्छता और सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है

निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने कहा कि बदलते समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। यदि आज जल स्रोतों को संरक्षित नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास के तालाबों और जल स्रोतों को स्वच्छ रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

नेता प्रतिपक्ष सीमा जायसवाल ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सामाजिक अवसरों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना सकारात्मक पहल है।

कार्यक्रम में नगर निगम की आईईसी टीम और सफाई मित्रों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सफाई अभियान चलाकर तालाब परिसर को स्वच्छ रखा गया और लोगों को प्लास्टिक एवं कचरा जल स्रोतों में नहीं डालने के लिए जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जल-गंगा संवर्धन अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी जल स्रोतों की साफ-सफाई और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों ने जल स्रोतों की रक्षा और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लेते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं को भी जल बचाने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जल स्रोतों के अतिक्रमण के कारण कई पारंपरिक तालाब और कुएं समाप्त होते जा रहे हैं। ऐसे में इस प्रकार के अभियान समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ-साथ लोगों को प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने के संदेश का महत्वपूर्ण माध्यम बना।