सिंगरौली की दो ग्राम पंचायतों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप, पंचायत दर्पण पोर्टल के रिकॉर्ड पर उठे सवाल
सिंगरौली जिले की चितरंगी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कर्थुआ और दिघवार में पंचायत दर्पण पोर्टल के दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। सीमेंट खरीदी के भुगतान और एक ही बिल नंबर से दो बार भुगतान किए जाने के मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. आदर्श तिवारी, सिंगरौली l जिले की चितरंगी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कर्थुआ और ग्राम पंचायत दिघवार में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर भुगतान प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। मामला सामने आने के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने जांच कराने की बात कही है।
पंचायत दर्पण पोर्टल के रिकॉर्ड के अनुसार ग्राम पंचायत कर्थुआ में सीमेंट खरीदी के भुगतान में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। पोर्टल पर दर्ज विवरण के मुताबिक 22 बोरी सीमेंट की कीमत 350 रुपये प्रति बोरी दर्शाई गई है। इस हिसाब से कुल राशि 7 हजार 700 रुपये बनती है, जबकि संबंधित मद में 22 हजार 750 रुपये का भुगतान दर्ज है। दोनों राशियों के बीच 15 हजार 50 रुपये का अंतर होने से भुगतान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब यह जांच का विषय है कि अतिरिक्त राशि किस आधार पर जारी की गई।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत दिघवार में भी पंचायत दर्पण पोर्टल के रिकॉर्ड में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार बिल क्रमांक 60 दो बार दर्ज दिखाई दे रहा है। आरोप है कि बिल में अंकित राशि की तुलना में लगभग 80 हजार रुपये अधिक का भुगतान किया गया है। इसके अलावा पोर्टल पर अपलोड किए गए तीन अलग-अलग बिल धुंधले (ब्लर) दिखाई दे रहे हैं, जिनकी कुल राशि 1 लाख 14 हजार 100 रुपये बताई गई है। बिल स्पष्ट नहीं होने के कारण यह पता नहीं चल पा रहा कि भुगतान किस सामग्री की खरीदी या किस कार्य के लिए किया गया।
इन दस्तावेजों को लेकर स्थानीय स्तर पर भुगतान प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मामले के सामने आने के बाद संबंधित पंचायतों में चर्चा का माहौल है और ग्रामीण निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
इस संबंध में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे ने कहा कि उन्हें पहले इस मामले की जानकारी नहीं थी। अब मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला प्रारंभिक स्तर पर जांच के अधीन है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भुगतान प्रक्रिया में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या नहीं। जिला पंचायत प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।