आलीराजपुर में भव्य चुनरी यात्रा, 1100 कलशों के साथ उमड़ा आस्था का सागर
आलीराजपुर में मनकामेश्वरी माता के दरबार में 1100 कलशों के साथ भव्य चुनरी यात्रा निकाली गई। 551 मीटर लंबी चुनरी अर्पित कर श्रद्धालुओं ने आस्था और भक्ति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुग़ल, आलीराजपुर | आलीराजपुर जिले में धर्म, भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब नगर में भव्य चुनरी यात्रा का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। हर वर्ष आयोजित होने वाला यह धार्मिक आयोजन इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ।
यात्रा की शुरुआत पंचमुखी हनुमान मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद यह यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई मनकामेश्वरी माता मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ इसका समापन किया गया।
इस दौरान 1100 कलशों के साथ निकली यात्रा में “जय माता दी” के जयघोष गूंजते रहे। सिर पर कलश धारण किए माता-बहनों की श्रद्धा और अनुशासन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नगर के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग तीन हजार चुनरी साड़ियों का वितरण भी किया गया। यह आयोजन प्रतिवर्ष पटेल परिवार एवं मंदिर समिति द्वारा आयोजित किया जाता है, जो क्षेत्र की धार्मिक परंपरा का अहम हिस्सा बन चुका है।
इस पावन अवसर पर 551 मीटर लंबी चुनरी मनकामेश्वरी माता मंदिर में अर्पित की गई, जो श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक बनी। इस दिव्य दृश्य ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में माता की महाआरती और प्रसादी वितरण किया गया। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और परंपरा की जीवंत मिसाल भी प्रस्तुत कर गया।