नई शिक्षा नीति युवाओं को नए भारत के निर्माण की राह दिखाएगी: बृजमोहन अग्रवाल

नई दिल्ली में आयोजित 18वीं नेशनल एजुकेशन लीडरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट समिट 2026 में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने नई शिक्षा नीति को विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बताते हुए शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं और हस्तियों को सम्मानित किया।

Jul 10, 2026 - 10:34
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नई शिक्षा नीति युवाओं को नए भारत के निर्माण की राह दिखाएगी: बृजमोहन अग्रवाल

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति देश के युवाओं को आधुनिक शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में किए गए बदलाव नई पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे और भारत को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बृजमोहन अग्रवाल नई दिल्ली के ली मेरिडियन होटल में एसोचेम द्वारा आयोजित 18वीं नेशनल एजुकेशन लीडरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट समिट 2026 में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभिन्न संस्थाओं और शिक्षा जगत की प्रमुख हस्तियों को सम्मानित भी किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने पारंपरिक रट्टा आधारित शिक्षा प्रणाली से आगे बढ़ते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास, कौशल संवर्धन, नवाचार और रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है।

उन्होंने कहा कि स्टार्टअप, नवाचार और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देकर नई शिक्षा नीति युवाओं को रोजगार खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश के दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों के दूरदराज क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत गैरसरकारी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसे संस्थानों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंच सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराना विकसित भारत की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार के विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। समिट में देशभर से शिक्षा क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, उद्योग जगत के विशेषज्ञ और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बृजमोहन अग्रवाल ने सभी से शिक्षा के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।