दुर्ग में 'वृक्षोपहार कार्यक्रम' का शुभारंभ, वृक्ष रथ के जरिए घर-घर पहुंचेंगे पौधे

दुर्ग में अध्यात्म पथ संस्थान ने 'वृक्षोपहार कार्यक्रम' की शुरुआत की। पहले चरण में 600 पौधों का वितरण किया गया। अभियान के तहत शहर में वृक्ष रथ चलाकर लोगों को पौधे उपहार में दिए जाएंगे और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक किया जाएगा।

Jul 10, 2026 - 11:29
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दुर्ग में 'वृक्षोपहार कार्यक्रम' का शुभारंभ, वृक्ष रथ के जरिए घर-घर पहुंचेंगे पौधे

UNITED NEWS OF ASIA. दुर्ग। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के उद्देश्य से अध्यात्म पथ संस्थान द्वारा 'वृक्षोपहार कार्यक्रम' का शुभारंभ किया गया। अभियान के पहले चरण में 600 पौधों का वितरण कर नागरिकों से वृक्षारोपण और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की गई। कार्यक्रम के दौरान शहर में जल्द ही 'वृक्ष रथ' चलाने की घोषणा भी की गई, जो विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को पौधे उपहार स्वरूप वितरित करेगा।

कार्यक्रम में आचार्य डॉ. अजय आर्य ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण की शोभा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ी आवश्यकता केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने और उनकी देखभाल करने की है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधे को अपने परिवार के सदस्य की तरह अपनाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाए।

उन्होंने भारतीय संस्कृति में वृक्षों के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि शास्त्रों में वृक्षों को अत्यंत उच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि "दस कुओं के बराबर एक बावड़ी, दस बावड़ियों के बराबर एक तालाब, दस तालाबों के बराबर एक पुत्र और दस पुत्रों के बराबर एक वृक्ष होता है।" उनका कहना था कि वृक्ष प्राणवायु, छाया, जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के सबसे बड़े आधार हैं, इसलिए वृक्षारोपण भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में हेमा सक्सेना ने कहा कि यह अभियान केवल पौधे बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास है। उन्होंने प्रत्येक परिवार से अपने घर, आंगन, छत या आसपास एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।

प्रदीप यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक पौधों की सुरक्षा और सिंचाई को अपना दायित्व समझे। वहीं प्रीति साहू ने कहा कि वृक्ष धरती की सांस हैं और उनका संरक्षण मानव जीवन के सुरक्षित भविष्य के लिए आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

संस्थान की ओर से बताया गया कि यह अभियान आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। आगामी चरणों में तीन से चार चरणों में 'वृक्षोपहार कार्यक्रम' आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए विशेष रूप से तैयार किया जा रहा 'वृक्ष रथ' शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को पौधे वितरित करेगा तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेगा।

कार्यक्रम में आचार्य डॉ. अजय आर्य, लोकनाथ साहू, प्रीति साहू, हेमा सक्सेना, प्रदीप यादव सहित अनेक नागरिक उपस्थित रहे। आयोजकों ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में अभियान से जुड़कर हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।