15 दिन बाद खत्म हुआ सरपंच संघ का आंदोलन, सीईओ के तबादले के बाद पंचायतों में लौटेंगे जनप्रतिनिधि
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 15 दिनों से जारी सरपंच संघ का आंदोलन समाप्त हो गया। जिला पंचायत सीईओ के तबादले के बाद सरपंच संघ ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा करते हुए पंचायतों में विकास कार्य दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. जावेद खान, मानपुर l जिले में पिछले 15 दिनों से जारी सरपंच संघ का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। जिला पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के तबादले के बाद सरपंच संघ ने आंदोलन वापस लेने की घोषणा करते हुए सभी सरपंचों से अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में लौटकर विकास कार्य शुरू करने का आह्वान किया है।
वन विभाग के विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने औपचारिक रूप से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने इसे पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जिले की जनता की जीत बताते हुए कहा कि अब रुके हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
सरपंच संघ के अनुसार जिले की 185 ग्राम पंचायतों के सरपंच पंचायतों के विकास कार्यों में आ रही बाधाओं और जिला तथा जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली के विरोध में आंदोलन कर रहे थे। उनका आरोप था कि प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे थे और पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
आंदोलन के दौरान सरपंच संघ का प्रतिनिधिमंडल रायपुर पहुंचा था, जहां विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से मुलाकात कर जिला पंचायत के तत्कालीन सीईओ को हटाने की मांग रखी गई थी। इसके बाद शासन द्वारा संबंधित अधिकारी का तबादला किए जाने पर संघ ने इसे अपनी प्रमुख मांगों पर कार्रवाई मानते हुए आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया।
सरपंच संघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र भुआर्य ने बताया कि संगठन ने शासन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया था और कार्रवाई का इंतजार किया। उन्होंने कहा कि शासन ने अपने आश्वासन के अनुरूप कदम उठाया है, जिससे सरपंच संघ संतुष्ट है। इसी के आधार पर आंदोलन समाप्त कर सभी पंचायतों में विकास कार्य दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
पत्रकार वार्ता में सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने शासन और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में पंचायतों के अधिकारों का सम्मान किया जाएगा तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों को बेहतर सहयोग मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंचायतों से जुड़े प्रशासनिक मामलों का समयबद्ध समाधान होगा और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरपंच संघ ने स्पष्ट किया कि यह केवल संगठन की जीत नहीं, बल्कि जिले की सभी 185 ग्राम पंचायतों और वहां रहने वाले हजारों ग्रामीणों की जीत है। अब पंचायत प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में लौटकर अधूरे विकास कार्यों को पूरा करेंगे तथा ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करेंगे। संघ ने कहा कि पंचायतों के विकास और ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों पर भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।