अटेंशन की होड़ में भ्रामक खबरें चिंता का विषय, विश्वसनीय पत्रकारिता ही सबसे बड़ी पूंजी : रजत बंसल

रायपुर प्रेस क्लब के 'हमर पहुना' कार्यक्रम में जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि डिजिटल दौर में अटेंशन की होड़ के कारण भ्रामक खबरों का प्रसार बढ़ा है। उन्होंने तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता पर जोर देते हुए मीडिया की विश्वसनीयता को उसकी सबसे बड़ी पूंजी बताया।

Jul 10, 2026 - 11:18
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अटेंशन की होड़ में भ्रामक खबरें चिंता का विषय, विश्वसनीय पत्रकारिता ही सबसे बड़ी पूंजी : रजत बंसल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित 'हमर पहुना' कार्यक्रम में जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल और रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने पत्रकारों के साथ संवाद करते हुए मीडिया की बदलती भूमिका, डिजिटल दौर की चुनौतियों और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में प्रेस क्लब के पदाधिकारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और नगर निगम के अधिकारियों की उपस्थिति रही।

संवाद के दौरान रजत बंसल ने कहा कि डिजिटल युग में लोगों का ध्यान आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। इसी होड़ में कई बार भ्रामक और अपुष्ट खबरें भी सामने आ रही हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेजी के साथ-साथ तथ्यों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने की है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और न्यू मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच जिम्मेदार, तथ्यपरक और प्रमाणिक पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। सरकार, समाज और मीडिया—तीनों की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि सही और प्रमाणित जानकारी समय पर लोगों तक पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचार प्रकाशित करें और पत्रकारिता के मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

रजत बंसल ने प्रेस क्लब जैसी संस्थाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे मंचों को सकारात्मक पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया की सबसे बड़ी ताकत उसकी साख है और इसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश शर्मा ने कहा कि जनसंपर्क विभाग और पत्रकारिता एक-दूसरे के पूरक हैं। जनसंपर्क विभाग जहां शासन की योजनाओं और नीतियों की जानकारी समाज तक पहुंचाता है, वहीं पत्रकार तथ्यपरक और संतुलित तरीके से उन सूचनाओं को आमजन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच नियमित संवाद और पारदर्शिता को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक बताया।

वरिष्ठ पत्रकार बृजेश चौबे ने कहा कि पत्रकारों और जनसंपर्क विभाग के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित सूचना आदान-प्रदान और सहयोग की भावना समय की जरूरत है। इससे मीडिया की विश्वसनीयता मजबूत होगी और शासन तथा जनता के बीच प्रभावी संवाद स्थापित होगा।

रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि डिजिटल दौर में खबरों की गति तो बढ़ी है, लेकिन इसके साथ भ्रम फैलने की संभावना भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि नए माध्यमों में भी पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों को जीवित रखना आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों से सच और तथ्यों के आधार पर समाज का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में प्रेस क्लब के पदाधिकारियों, वरिष्ठ पत्रकारों और नगर निगम के अधिकारियों ने भी सहभागिता की तथा मीडिया और जनसंपर्क के बीच बेहतर संवाद और सहयोग को मजबूत बनाने पर अपने विचार साझा किए।