उल्लास नवभारत साक्षरता महापरीक्षा में हजारों नवसाक्षरों ने लिया भाग, जिले में सफल आयोजन

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित महापरीक्षा में 14,675 नवसाक्षरों ने भाग लिया। परीक्षा 384 केंद्रों में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई।

Mar 24, 2026 - 11:04
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उल्लास नवभारत साक्षरता महापरीक्षा में हजारों नवसाक्षरों ने लिया भाग, जिले में सफल आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA. सत्यम दीक्षित, गौरेला पेंड्रा मरवाही | उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन महापरीक्षा का सफल आयोजन किया गया। यह परीक्षा भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की गई।

रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जिले के तीनों विकासखंडों—गौरेला, पेंड्रा और मरवाही—में कुल 92 संकुलों के अंतर्गत 166 ग्राम पंचायतों और 3 नगरीय निकायों में बनाए गए 384 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित हुई। इस महापरीक्षा में कुल 14,675 नवसाक्षरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए 384 केंद्राध्यक्ष और 515 पर्यवेक्षक-सह-मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति की गई थी। साथ ही जिला और ब्लॉक स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग दल का गठन कर सतत निरीक्षण किया गया, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नजदीकी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। उन्होंने स्वयं कई केंद्रों का निरीक्षण किया, जिनमें सेमरा, जोगियापारा, धनगंवा, सरखोर, नवागांव, झाबर, अंडी और धोबहर जैसे विद्यालय शामिल रहे।

इस दौरान बुजुर्ग परीक्षार्थियों का उत्साह देखने लायक था। 86 वर्षीय मोहनलाल गुप्ता, 75 वर्षीय लक्ष्मी सोनी और 65 वर्षीय ओमवती जैसे प्रतिभागियों ने परीक्षा में शामिल होकर यह साबित किया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन भी किया।

महापरीक्षा को एक अभियान के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें परीक्षार्थियों का स्वागत फूल-माला, गुलदस्ता और टीका लगाकर किया गया। इससे उनमें आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ।

परीक्षा के सफल संचालन में जिला नोडल अधिकारी मुकेश कोरी, सहायक जिला नोडल अधिकारी संजय गुप्ता, ब्लॉक नोडल अधिकारी आलोक शुक्ला, प्राचार्य बनवाली वासुदेव और उषा मित्रा सहित कई अधिकारियों और शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अलावा संकुल शैक्षिक समन्वयक, ग्राम प्रभारी शिक्षक, स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राएं, स्वयंसेवी शिक्षक और डाइट के छात्राध्यापकों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

पूरे परीक्षा आयोजन की निगरानी के लिए जिला एवं विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

इस परीक्षा में सफल होने वाले नवसाक्षरों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे की शिक्षा और रोजगार के अवसरों में लाभ मिलेगा।

यह महापरीक्षा जिले में साक्षरता अभियान को नई दिशा देने के साथ ही समाज में शिक्षा के महत्व को भी सशक्त रूप से स्थापित करती है |