‘जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ Out of Syllabus होता है’, IIT Delhi के दीक्षांत समारोह में PM मोदी ने Gen-Z को दिया सफलता का मंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल होकर मेधावी छात्रों को सम्मानित किया और परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन किया। उन्होंने युवाओं से लगातार सीखते रहने, समस्याओं के समाधान खोजने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। पीएम मोदी ने कहा कि जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ ‘Out of Syllabus’ होता है, इसलिए बदलती दुनिया के साथ सीखते रहना जरूरी है।

Aug 8, 2026 - 12:57
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‘जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ Out of Syllabus होता है’, IIT Delhi के दीक्षांत समारोह में PM मोदी ने Gen-Z को दिया सफलता का मंत्र

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 अगस्त 2026 को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया और परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन किया। दीक्षांत समारोह में 3,000 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया, जिनमें 587 पीएचडी शोधार्थी भी शामिल रहे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं को बदलती दुनिया के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आईआईटी की परीक्षा में सिलेबस तय होता है, लेकिन जिंदगी की परीक्षा में सब कुछ ‘Out of Syllabus’ हो सकता है। ऐसे में सफलता के लिए केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगातार सीखना और नई परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करना जरूरी है।

पीएम मोदी ने कहा कि आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों ने ऐसी समस्याओं को पहचाना, जिन पर पहले पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था और उनके समाधान तलाशे। उन्होंने वर्तमान विद्यार्थियों से भी केवल सवाल पूछने तक सीमित न रहने, बल्कि समस्याओं के समाधान खोजने की आदत विकसित करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि दुनिया, तकनीक और उद्योग तेजी से बदल रहे हैं। आने वाले 20 से 30 वर्षों में परिस्थितियां कैसी होंगी, इसका अनुमान लगाना आसान नहीं है। ऐसे दौर में वही व्यक्ति आगे बढ़ सकेगा, जो नई चीजें सीखने के लिए हमेशा तैयार रहेगा। प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को सीखते रहने और बदलती परिस्थितियों के साथ खुद को विकसित करने का संदेश दिया।

प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि उनकी डिग्री केवल पढ़ाई पूरी करने का प्रमाण नहीं है, बल्कि कठिन समस्याओं से निपटने की क्षमता का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आईआईटी तक पहुंचने की यात्रा एक दिन में पूरी नहीं हुई। मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं, प्रोजेक्ट्स और लगातार किए गए छोटे-छोटे प्रयासों ने विद्यार्थियों को इस मुकाम तक पहुंचाया है।

पीएम मोदी ने युवाओं को विकसित भारत के निर्माण की जिम्मेदारी का भी एहसास कराया। उन्होंने कहा कि आने वाले 30 वर्षों में युवा जिस दिशा में काम करेंगे, वही विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की जरूरतों को समझने और तकनीक तथा ज्ञान का इस्तेमाल समाज के हित में करने का आह्वान किया।

दीक्षांत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जीवन में बदलाव के दौर आते रहेंगे और चुनौतियां भी सामने आएंगी, लेकिन जो व्यक्ति सीखना जारी रखेगा, वही आगे बढ़ेगा। पीएम मोदी का यह संदेश विशेष रूप से Gen-Z युवाओं के लिए सीख, नवाचार और जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा।