उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीबी-जीरामजी के क्रियान्वयन पर की चर्चा

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने स्थानीय जरूरतों के अनुसार 375 अनुमेय कार्यों में से कार्यों का चयन करने, जल संरक्षण को प्राथमिकता देने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

Sep 22, 2026 - 19:51
 0  3
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीबी-जीरामजी के क्रियान्वयन पर की चर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर l विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों से संवाद किया। बैठक में जिलों में स्वीकृत कार्यों, उनकी प्रगति और योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद कर योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने मैदानी स्तर पर आ रही समस्याओं और प्रतिनिधियों के सुझावों को भी जाना। उन्होंने कहा कि वीबी-जीरामजी के तहत 375 प्रकार के अनुमेय कार्यों में से ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार कार्यों का चयन कर उनकी स्वीकृति करा सकती हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए गए हैं और जरूरत के अनुसार ग्राम सभा के माध्यम से नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।

उन्होंने योजना में मजदूरी और सामग्री का 60:40 अनुपात बनाए रखने पर जोर दिया। इसके साथ ही कम से कम 30 प्रतिशत कार्य जल संरक्षण से संबंधित रखने की बात कही। उपमुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन कर योजना का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से ग्रामीणों तक पहुंचाने की अपील की।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने स्वीकृत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे। इससे पंचायत स्तर पर होने वाले निर्माण कार्यों की निगरानी को और व्यवस्थित किया जा सकेगा।

विकसित भारत-जीरामजी के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सदस्यों के तकनीकी और योजना से संबंधित सवालों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमेय कार्यों में शामिल किया गया है। इसके अलावा बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड और डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार इन कार्यों का चयन कर सकती हैं।

तारन प्रकाश सिन्हा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण यानी कन्वर्जेंस से संबंधित भारत सरकार का नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की प्रक्रिया में है। वहीं मनरेगा के शेष लंबित भुगतान के संबंध में भारत सरकार को पत्र भेजा गया है।

वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। इनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर और लेखापाल के पद शामिल हैं। इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इसके अतिरिक्त बस्तर, बीजापुर और नारायणपुर जिलों में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति भी दी गई है।

बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और सदस्यों ने योजना के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए। पंचायत प्रतिनिधियों ने मैदानी स्तर पर सामने आ रही विभिन्न कठिनाइयों से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में प्राप्त सुझावों और समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई के लिए संकलित किया गया।