E20 पेट्रोल विवाद: कर्नाटक सरकार के 31% इथेनॉल मिलावट के दावे को तेल कंपनियों ने नकारा, जांच के तरीके पर उठाए सवाल

E20 पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को लेकर केंद्र और कर्नाटक सरकार के बीच विवाद गहरा गया है। कर्नाटक सरकार ने कुछ पेट्रोल पंपों के नमूनों में 31 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलने का दावा किया था। वहीं, सरकारी तेल कंपनियों IOC, BPCL और HPCL ने इन आरोपों को खारिज करते हुए जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। तेल कंपनियों के मुताबिक, 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लिए गए 893 पेट्रोल नमूनों की जांच में सभी निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए। इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

Nov 8, 2026 - 11:28
 0  2
E20 पेट्रोल विवाद: कर्नाटक सरकार के 31% इथेनॉल मिलावट के दावे को तेल कंपनियों ने नकारा, जांच के तरीके पर उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. देश में E20 पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कर्नाटक सरकार द्वारा पेट्रोल में निर्धारित सीमा से अधिक इथेनॉल मिलने का दावा किए जाने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने अपना पक्ष रखा है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार के आरोपों को खारिज किया है। कंपनियों का कहना है कि कर्नाटक सरकार ने पेट्रोल के नमूनों की जांच के लिए निर्धारित प्रक्रिया का सही तरीके से पालन नहीं किया।

कर्नाटक सरकार ने किया था 31 प्रतिशत इथेनॉल का दावा

कर्नाटक सरकार ने दावा किया था कि राज्य के कुछ पेट्रोल पंपों से लिए गए ईंधन के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में इथेनॉल की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई है। सरकार के दावे के मुताबिक, कुछ नमूनों में इथेनॉल की मात्रा 31 प्रतिशत तक थी।

इस खुलासे के बाद E20 पेट्रोल की गुणवत्ता और उसमें इथेनॉल मिलाने की निर्धारित सीमा को लेकर सवाल उठने लगे। E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण का प्रावधान है।

तेल कंपनियों ने आरोपों को किया खारिज

कर्नाटक सरकार के दावों पर सरकारी तेल कंपनियों ने संयुक्त रूप से प्रतिक्रिया दी। IOCL, BPCL और HPCL का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई जांच प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी।

कंपनियों ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल की गुणवत्ता जांचने के लिए निर्धारित तकनीकी प्रक्रियाओं और मानकों का पालन जरूरी है। उनके मुताबिक, जांच के तरीके में अंतर होने से परिणामों की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

893 नमूनों की जांच में नहीं मिली गड़बड़ी

सरकार की ओर से E20 पेट्रोल कार्यक्रम का बचाव करते हुए बताया गया कि 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पेट्रोल के कुल 893 नमूने एकत्र किए गए थे। इनमें कर्नाटक से लिए गए 56 नमूने भी शामिल थे।

सरकार के अनुसार, इन सभी नमूनों की जांच में इथेनॉल की मात्रा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाई गई। इस रिपोर्ट को सरकार ने E20 पेट्रोल की गुणवत्ता के समर्थन में महत्वपूर्ण बताया है।

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

इस विवाद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने E20 पेट्रोल में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए E20 को लेकर सरकार पर निशाना साधा और इसे जनता की गाड़ी से पेट्रोल की चोरी से जोड़कर पेश किया। उनके बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल ऐसा ईंधन है जिसमें 20 प्रतिशत इथेनॉल और शेष पेट्रोल का मिश्रण होता है। भारत सरकार का उद्देश्य इथेनॉल मिश्रण को बढ़ाकर पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक ईंधन को प्रोत्साहन देना है।

फिलहाल कर्नाटक सरकार और सरकारी तेल कंपनियों के दावों में अंतर सामने आया है। एक ओर राज्य सरकार के नमूनों में अधिक इथेनॉल मिलने का दावा है, वहीं दूसरी ओर तेल कंपनियां जांच प्रक्रिया पर सवाल उठा रही हैं। ऐसे में इस विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच के मानकों और परिणामों की पारदर्शी समीक्षा महत्वपूर्ण होगी।