दीपावली पर बेमेतरा स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
दीपावली पर्व के दौरान पटाखों से जलने, आगजनी, सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन घटनाओं की आशंका को देखते हुए बेमेतरा स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद कोहड़े ने जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त दवाइयों, चिकित्सा दल और आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम नागरिकों से सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाने की अपील की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l दीपावली पर्व के दौरान संभावित दुर्घटनाओं, आगजनी, पटाखों से जलने, सड़क दुर्घटनाओं तथा लड़ाई-झगड़े में घायल होने वाले लोगों को तत्काल और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बेमेतरा स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद कोहड़े ने जिले के सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा सिविल सर्जन, समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों और संबंधित स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारियों को जारी निर्देशों में कहा गया है कि दीपावली पर्व के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी रखी जाएं।
निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। प्रत्येक स्वास्थ्य संस्था में चिकित्सकीय दल को पर्याप्त दवाइयों, उपचार सामग्री और जरूरी आपातकालीन संसाधनों के साथ सतर्क एवं तैयार रखा जाए, ताकि दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को बिना देरी के उपचार मिल सके।
इसके साथ ही चिकित्सकीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी के लिए निर्धारित रोस्टर में किसी भी प्रकार का परिवर्तन अथवा संशोधन नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय एवं स्थान पर अपनी ड्यूटी अनिवार्य रूप से निभाएं, जिससे त्योहार के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता को दी सावधानी बरतने की सलाह
दीपावली के दौरान पटाखों और अन्य गतिविधियों से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
विभाग के अनुसार पटाखे हमेशा खुली जगह पर और बच्चों से दूर रहकर जलाएं। पटाखों को हाथ में रखकर न जलाएं। आतिशबाजी के समय सूती कपड़े पहनें और सिंथेटिक व ढीले कपड़ों से बचें।
यदि पटाखे से जलने की घटना हो जाए तो प्रभावित स्थान पर तत्काल 10 से 15 मिनट तक साफ ठंडा पानी डालें। जले हुए स्थान पर टूथपेस्ट, हल्दी, तेल या बर्फ का इस्तेमाल न करें। आंख में चिंगारी जाने पर उसे रगड़ने के बजाय साफ पानी से धोएं और तुरंत अस्पताल पहुंचें।
अस्थमा, हृदय रोग और सांस संबंधी परेशानी से पीड़ित लोगों को पटाखों के धुएं से दूर रहने, मास्क लगाने और अपनी जरूरी दवाइयां साथ रखने की सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को भी पटाखों के धुएं तथा तेज आवाज से सुरक्षित दूरी पर रखने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने घरों में पानी से भरी बाल्टी, रेत और फर्स्ट एड बॉक्स तैयार रखने की अपील की है। साथ ही अधिक मिठाई और तले-भुने भोजन से बचने तथा पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि गंभीर रूप से जलने, सांस लेने में तकलीफ होने या आंख में चोट लगने जैसी स्थिति में बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल पहुंचें अथवा 108 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा है, ताकि दीपावली पर्व के दौरान जिले के नागरिकों को त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।