फांसी घर विवाद: केजरीवाल-सिसोदिया पर दिल्ली विधानसभा का आरोप, HC में अगली सुनवाई 12 दिसंबर

दिल्ली विधानसभा ने हाईकोर्ट को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया विशेषाधिकार समिति के सामने पेश नहीं हुए। यह विवाद विधानसभा परिसर में कथित ‘फांसी घर’ के निर्माण और उसके उद्घाटन से जुड़ा है। अगली सुनवाई 12 दिसंबर को होगी।

Nov 26, 2025 - 12:23
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फांसी घर विवाद: केजरीवाल-सिसोदिया पर दिल्ली विधानसभा का आरोप, HC में अगली सुनवाई 12 दिसंबर

 UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली विधानसभा में फांसी घर के अस्तित्व को लेकर विवाद जारी है। विधानसभा ने हाईकोर्ट को बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया विशेषाधिकार समिति के सामने पेश नहीं हुए। दोनों नेताओं को कई बार समन भेजे जाने के बावजूद वे समिति में उपस्थित नहीं हुए।

हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान विधानसभा सचिवालय के वकील ने बताया कि केजरीवाल और सिसोदिया हर बार यह कहकर पेश होने से बचते रहे कि उनकी याचिका कोर्ट में लंबित है। सचिवालय ने तर्क किया कि समिति ने उन्हें सिर्फ जांच में सहयोग करने के लिए बुलाया था, ताकि विधानसभा परिसर में बनाए गए फांसी घर की सच्चाई सामने आ सके। यह मामला अगस्त 2020 से जुड़ा है, जब आम आदमी पार्टी की सरकार ने विधानसभा परिसर में एक संरचना को ब्रिटिश काल का फांसी घर बताते हुए उद्घाटन किया।

 बीजेपी का दावा है कि यह फांसी घर नहीं बल्कि पुराना टिफिन रूम था और इसके जीर्णोद्धार पर सरकारी धन का गलत उपयोग किया गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की थी। इस मुद्दे की जांच के लिए बीजेपी विधायक प्रद्युम्न सिंह की अध्यक्षता में विशेषाधिकार समिति बनाई गई, जिसने 13 नवंबर को आगे की जांच और सत्यापन की बैठक की। केजरीवाल और सिसोदिया ने समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है और दावा किया कि समिति की कार्यवाही उनके संविधानिक अधिकारों आर्टिकल 14, 19 और 21 का उल्लंघन करती है।

 हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका पहली नजर में सुनवाई योग्य नहीं लगती, लेकिन विस्तृत सुनवाई के लिए 12 दिसंबर तय की गई है। फिलहाल दोनों पक्षों की दलीलें चल रही हैं, विधानसभा समिति ने जांच आगे बढ़ाने का इरादा जताया है, जबकि केजरीवाल और सिसोदिया इसे अवैध बता रहे हैं।