यह आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम की अध्यक्ष Satyabhama Ajay Dubey के निर्देशानुसार 8 मार्च 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला न्यायपालिका से जुड़े अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश सत्यभामा अजय दुबे ने जिला न्यायालय में कार्यरत महिला न्यायिक कर्मचारियों और महिला अधिवक्ताओं को स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही नगर पालिका में साफ-सफाई का कार्य करने वाली महिला सफाई कर्मचारियों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही महिलाओं के योगदान को सम्मान देना और उनके प्रति सम्मान की भावना को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश ने महिलाओं को उनके अधिकारों और कानूनी सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इसके लिए विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं के माध्यम से सहायता प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को महिला सशक्तिकरण, महिलाओं के अधिकार, घरेलू हिंसा, पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, महिला और मानवाधिकार, महिला और लड़कियों की शिक्षा, समान अधिकार और समान अवसर जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सशक्त बनाने और महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए कानूनी उपायों के बारे में भी बताया गया।
इसके अलावा न्यायपालिका के अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने महिलाओं को विभिन्न कानूनों की जानकारी भी दी। इनमें घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, Bharatiya Nyaya Sanhita 2023, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 और Protection of Children from Sexual Offences Act जैसे महत्वपूर्ण कानूनों के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में अम्ल हमला, बलात्कार, दहेज मृत्यु, पीछा करना और महिलाओं की गरिमा से जुड़े अपराधों के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इसी क्रम में शासकीय कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास कबीरधाम में भी एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में छात्राओं को महिला अधिकार, निःशुल्क विधिक सहायता, लैंगिक उत्पीड़न, शिक्षा के अधिकार और महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को कानूनी रूप से जागरूक बनाना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना था, ताकि वे किसी भी प्रकार की अन्यायपूर्ण स्थिति में अपने अधिकारों की रक्षा कर सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कबीरधाम द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।