विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में उठाए किसानों, पेंशन, पोषण और कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतन से जुड़े मुद्दे

पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा सत्र के दौरान धान खरीदी और भुगतान में विसंगति, पेंशन योजनाओं की स्थिति, आंगनबाड़ी पोषण आहार की गुणवत्ता, कुपोषण की समस्या तथा धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के बकाया वेतन का मुद्दा उठाया। उन्होंने किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े इन विषयों पर सरकार से जवाब मांगा।

Mar 9, 2026 - 19:29
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विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में उठाए किसानों, पेंशन, पोषण और कंप्यूटर ऑपरेटरों के वेतन से जुड़े मुद्दे

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा |  छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान पंडरिया विधायक Bhawna Bohra ने जनहित और किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाया। उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी और भुगतान में विसंगतियों, गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के पोषण, वृद्धा-विधवा एवं दिव्यांग पेंशन, धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के बकाया वेतन तथा प्रदेश में कुपोषण और क्षयकारी बच्चों की समस्या पर सरकार से जवाब मांगा।

धान खरीदी को लेकर विधायक भावना बोहरा ने पूछा कि 15 नवंबर 2025 से शुरू हुई राज्य की धान खरीदी नीति के तहत कुल कितना धान खरीदा गया है और 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कितने किसानों को भुगतान किया गया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे और ई-केवाईसी सर्वर में तकनीकी खराबी के कारण कितने किसान पंजीकरण से वंचित रह गए या उन्हें टोकन मिलने में देरी हुई।

इसके लिखित उत्तर में खाद्य मंत्री Dayaldas Baghel ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य में कुल 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। किसानों को धान कॉमन के लिए 2369 रुपये और ग्रेड-ए धान के लिए 2389 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य का भुगतान उनके खातों में किया गया है। उन्होंने बताया कि किसानों ने तकनीकी प्रणाली के माध्यम से पंजीयन कराया और नियमानुसार टोकन प्राप्त किए। साथ ही सीमावर्ती राज्यों से अवैध धान की आवक रोकने के लिए चेकपोस्ट स्थापित कर मंडी अधिनियम के तहत बिचौलियों पर कार्रवाई भी की गई है।

विधायक भावना बोहरा ने धान खरीदी केंद्रों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों के बकाया वेतन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूछा कि कई केंद्रों में ऑपरेटरों से काम लेने के बावजूद उनका मानदेय भुगतान नहीं किया गया। इसके जवाब में मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि हड़ताल के दौरान आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कंप्यूटर ऑपरेटरों से कार्य लिया गया था, लेकिन एजेंसी द्वारा विपणन संघ कार्यालय में भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत नहीं किया गया है।

इसके अलावा भावना बोहरा ने कबीरधाम जिले में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़े आंकड़ों की जानकारी भी मांगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री Lakshmi Rajwade ने बताया कि कबीरधाम जिले में सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत कुल 82,844 हितग्राही पंजीकृत हैं। इनमें कवर्धा विधानसभा में 38,000 और पंडरिया विधानसभा में 44,844 हितग्राही शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पेंशन स्वीकृति के लिए कोई भी प्रकरण लंबित नहीं है और पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा चुकी है।

गर्भवती महिलाओं और शिशुओं के पोषण को लेकर भावना बोहरा ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार की गुणवत्ता और वितरण में अनियमितता की शिकायतों का मुद्दा भी उठाया। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में पंडरिया विधानसभा क्षेत्र से पोषण आहार से संबंधित दो शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनकी जांच कराई गई, लेकिन किसी भी मामले में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई।

विधायक भावना बोहरा ने प्रदेश में कुपोषण और क्षयकारी बच्चों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि पोषण ट्रैकर के जून 2025 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में क्षयकारी बच्चों का प्रतिशत 7.77% है, जो राष्ट्रीय औसत 5.46% से अधिक है।

इस पर विभागीय मंत्री ने बताया कि क्षयकारी बच्चों की समस्या के पीछे कई कारण हैं, जिनमें जन्म के तुरंत बाद स्तनपान न कराना, छह माह के बाद पूरक आहार न देना, प्रोटीन की कमी, स्वच्छता की कमी, आर्थिक कठिनाई, शिक्षा और जागरूकता का अभाव तथा बार-बार होने वाले संक्रमण जैसे दस्त, मलेरिया, निमोनिया और खसरा शामिल हैं।

विधानसभा में इन मुद्दों को उठाते हुए विधायक भावना बोहरा ने कहा कि किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्गों से जुड़े इन विषयों पर सरकार को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ताकि योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लोगों तक पहुंच सके।