पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, CJP ने पहली बार मांगा प्रधानमंत्री का इस्तीफा

नीट पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राहुल गांधी ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया, जबकि CJP ने पहली बार प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई।

Jul 23, 2026 - 12:55
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पीएम मोदी के फास्ट ट्रैक कोर्ट ऐलान पर राहुल गांधी का पलटवार, CJP ने पहली बार मांगा प्रधानमंत्री का इस्तीफा

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। प्रधानमंत्री के फैसले पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान मौजूदा सरकार ने पहुंचाया है। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी अपना रुख और कड़ा करते हुए पहली बार सीधे प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। साथ ही संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी मामलों में जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रधानमंत्री की इस घोषणा पर राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री के पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि युवाओं के भविष्य को सबसे अधिक नुकसान सरकार ने ही पहुंचाया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को कमजोर होने दिया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण भी दिया। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।

राहुल गांधी ने छात्रों की प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए, छात्रों से माफी मांगी जाए और आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ हुई कथित हिंसा के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ न्याय तभी संभव होगा जब सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुने।

इधर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद अपना रुख और आक्रामक कर दिया। अब तक संगठन केवल केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा था, लेकिन इस बार पार्टी ने सीधे प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी किया। पार्टी ने प्रधानमंत्री की तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि "प्रधानमंत्री जी इस्तीफा दो।"

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मुद्दे पर लगातार राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। विपक्ष सरकार पर परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में विफल रहने का आरोप लगा रहा है, जबकि केंद्र सरकार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की बात कह रही है।

प्रधानमंत्री द्वारा फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।